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Showing posts from July, 2020

लालची कपड़ा वाला की purani kahaniya in hindi

लालची कपड़ा वाला  एक गाँव में कृष्णा नाम का कपड़ा बेचने वाला रहता था ,वो साइकिल से एक गाँव से दूसरे गाँव कपड़े बेचने जाता था ,उसकी पत्नी कपड़े तह करने में उसकी मदद किया करती थी।  उस कपड़े वाले का पास के गाँव बहोत नाम था , उसकी साड़ी की क्वालिटी बहोत अच्छी थी ,एक दिन वो    साड़ी  बेचने निकल रहा था ,तभी उसकी पत्नी ने कहाँ की आप इतनी दिनों से साड़ी बेचते है ,लेकिन हमे ज़्यादा मुनाफ़ा नहीं होता है ,उसके पति ने कहाँ तो क्या किया जाए ,आप ये amazing stories in hindi national hindi पे पढ़ रहे है , पत्नी : क्यों न हम एक साड़ी की दूकान खोल ले  पति :  उसके लिए हम पैसे कहाँ से लाये ? पत्नी : पास के गाँव में आप काफ़ी दिनों साड़ी बेचने जाते है ,वहाँ  लोग आपकी मदद ज़रूर करेंगे , पति : ठीक है ,मैं  उनसे बात करूँगा  कृष्णा उस गाँव में जाता है ,और लोगो से कहता है मुझे बहोत दूर से यहाँ आके कपड़ा बेचना परता है ,इस लिए आपलोग मेरी मदद कीजिए और मुझे कुछ पैसे दे ताकि मैं पास ही कोई दुकान खोल लूंगा ,लोगो ने कहाँ की हमें आप पर पूरा भरोसा है कृष्णा भाई और लोगो ने उसे पैसे दिए , कृष्णा ने पास  दुकान खोल ली और दू

समझदार दुकानदार online story reading in hindi

समझदार दुकानदार (story with moral) एक बहोत बड़ा गाँव  था ,उस गाँव का एक चौक था। उस चौक पे बहुत सरे खाने-पिने का सामान मिलता था ,उस चौक एक समोसे की दुकान थी ,उस दुकान के समोसे बहोत प्रसिद्ध थे ,उस दुकान पे हमेसा बहोत भीड़ लगी रहती।  एक दिन एक बड़ा व्यापारी उस चौक पे आया और देखा की इस चौक पे बहोत भीड़ रहती है। उसने सोचा की अगर मैं यहाँ दुकान ले लू तो माला -माल हो जाऊंगा ,उसने इधर-उधर नज़र घुमाया और देखा की समोसे की दुकान पे बहोत भीड़ है।  , ये भी पढ़े  उसने सोचा क्यों न मैं भी समोसे की ही दूकान खोल लूँ ,और उसने उस दुकान वाले के सामंने ही एक दुकान लेली और दुकान को अच्छे से सज़ा ली। अब उसने कड़ाही में ख़राब क्वॉलिटी का तेल उसमे डाला और एक अज़ीम सा मसाला सामग्री में मिला दी , और समोसे तलने सुरु कर दिये और जब उसने पुरे समोसे तल लिए तब उसने सोर मचाके लोगोँ को बुलाना सुरु किया थोड़ी देर बाद कुछ लोग समोसे लेने उसके दुकान पे अये , आप ये baccho ki kahaniya in hindi (national hindi) पे पढ़ रहे हैं।  लोगो को उसके समोसे बहोत पसंद अये. ये देख पुराने समोसे के दूकान दार बहोत मायुश ह

2 short and interesting stories in hindi

1. माँ की सीख़ ( short story with moral) सोनू एक बहोत अच्छा लड़का था ,वो अपनी माँ के साथ एक बड़े घर में रहता था।सोनू की माँ बहोत अच्छे पकवान बनाती थीं ,सोनू अपनी माँ की सारी बात मानता था , एक दिन उसकी माँ ने कूकीज बनाई और एक डब्बे में रख दिया ,उन्होंने अपने बेटे सोनू से कहाँ  की वह होम-वर्क करने के बाद कूकीज खा सकता है ,इतना कहने के बाद उसकी माँ बाज़ार चली गयी।  आप ये hindi kahaniya for kids national hindi पे पढ़ रहे है  सोनू ने जल्दी से होम-वर्क किया और माँ के आने से पहले कुकीज़ खाने के लिए गया उसने डब्बे में हाथ डाला और 5 कुकीज़ निकालने की कोसिस की लेकिन उसका हाथ बहार नहीं निकल पा रहा था। इतने में उसकी माँ आगयी और उसे देख जोर से हॅसने लगी और सोनू से कहाँ की सिर्फ दो कुकीज़ निकालो सोनू ने वही किया और उसका हाथ बाहर आगया , ये भी पढ़े  सोनू की माँ ने कहाँ की इससे तुमने क्या सीखा सोनू ने कहाँ की हमें ज़्यादा लालच नहीं करना चाहिए और जितने की ज़रूरत हो उतनी ही लेनी चाहिए . 2. कामचोर बच्चे  एक गांव में दो लड़के रहते थे ,रमेश और सुरेश दोनों ही बहोत अलसी थे ,उनकी माँ हमेसा

2 best hindi kahaniya read online

1.चींटी और कबूतर   एक दिन की बात है एक चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी ,चढ़ते-चढ़ते उसका पैर अच्चानक फिसल गया और वो तालाब में जा गिरी और चींटी अपनी पूरी कोसिस कर रही थी। ताकि वो पानी से बहार आ जाए लेकिन उसकी सारि कोसिस नाकाम हो रहीं   थीं।   ये  सब एक कबूतर  पेड़ के ऊपर से देख़  रहा था ,उसे दया आ गयी और उसने चींटी की मदद करने को सोचा उसने पेड़ से एक पत्ता तालाब में गिरा दिया ,चींटी उस पर बैठ गयी और उसकी ज़ान बच गयी ,उसने कबूतर का ध्यानवाद दिया ,कबूतर भी वहा चला गया।   ये भी पढ़े  कुछ सप्ताह बाद एक बहेलियाँ (पक्षी पकड़ने वाला ) जंगल में आया उसने अपनी ज़ाल बिछा दी और कुछ दाना डाल दिया। जब चींटी वह से गुज़र रहीं थी तब उसने देखा की वहीं कबूतर है ,जिसने उसकी जान बचाई थी। बहेलियाँ के ज़ाल में फ़सने वाला था ,उसने  बहेलियाँ के पैर में इतनी जोर से काटा  की  बहेलियाँ की चीख़ निकल गयी , आप ये hindi kahani national hindi पे पढ रहें है।  कबूतर ने  बहेलियाँ की आवाज़ सुनी और सारा मामला समझ गया  इस कहानी से हमने क्या सीखा (moral of the story ) कर भला तो हो भला  2.  होशियार बकरी  एक गांव के क

2 भाइयो की hindi kahani for kids

एक गाँव  की सच्ची कहानी   (true story) उस गांव में दो भाई रहते थे  ,बड़ा भाई बहोत समझदार था और छोटा बेहद बत्तमीज़ ,उसके पिता मरते समय अपनी पूरी संपत्ति अपने बड़े बेटे को देदी और छोटे बेटे को कुछ नहीं दिया क्युकी वो जानते थे , की उनका  बेटा नालायक है वो सब बेच देगा, लेकिन बड़े भाई ने उससे बेईमानी नहीं की आधा हिस्सा उसे दे दिया , ये kahaani in hindi  आप national hindi पे पढ़ रहे है , लेकिन वो उसकी हरकतों से परेशान  हो गये और एक दिन तो उसने सारी हद पार करदी उसने एक लड़की से बतमीज़ी की ये बात उसके बड़े भाई से सहन नहीं हुई ,और उसने अपने भाई को गांव वालो के हवाले कर दिया,और कहाँ की आपलोग ही इसका फैसला करे गांव वालो ने उसे गधे पे बैठा कर पूरा गांव घुमाया और कहाँ की निकल जाओ इस गाओ से , ये भी पढ़े  उस वक़्त वो वहाँ से चला गया और साम को अपने घर वापस चुपके से आया और अपने भाई को कुल्हाड़ी से काट डाला ये देखकर उसकी भाभी चिल्लाई तो उसने उसे भी मार डाला और हवेली में आग लगा दी ताकि सबको लगे की उसके भइया भाभी जलने से मर गए है , उसने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ ,सबको लगा की ठाकुर साहब की मौत जलने से

4 दोस्तों की bhootiya kahani

4 बहोत अच्छे दोस्त थे ,जिनमे एक बहोत घमंडी था उसे अपने पैसो पे बहोत घमंड था ,एक दिन 4रो घूमने निकले ,तभी उनकी गाड़ी ख़राब हो गयी ,और जहाँ  गाड़ी खऱाब हुई वो एक खंडर गांव था ,वो लोग मैकेनिक की तालाश कर रहे थे तभी उन्हें एक ढाबा दिखा वो लोग वहाँ गए है कुछ खाया और दुकान वाले से पूछा की यहाँ कोई मैकेनिक मिलेगा क्या ? दुकान वाले ने कहाँ  साहब मुझे थोड़ा बहोत गाड़ी की जानकारी है ,मैं देखु उन्होंने कहाँ ठीक है ,उस मैकेनिक को वो अपने गाड़ी के पास लेके आये  मैकेनिक ने कहाँ की गाड़ी कल सुबह ही ठीक हो पायेगी ,उन्होंने ने सोचा की आज कहाँ रुकेंगे ,तभी वो लोग इधर-उधर देखने लगे तभी उन्हें एक हवेली देखी और मैकेनिक से पूछा वहां कौन रहता है ,मैकेनिक बोला वहाँ कोई नहीं रहता है , ये भी पढ़े  उनलोगो  ने कहाँ क्या हमलोग वहाँ रुक सकते है मैकेनिक ने कहाँ नहीं साहब वहाँ ख़तरा है ,उन्होंने पूछा कैसा ख़तरा वो मैकेनिक बोला  छोड़िये साहब हमलोग उस बारे में बात न करे वही बेहतर होगा क्युकी मैं आपलोगो को डराना  नहीं चाहता हूँ।   और उसने कहाँ की आपलोग आज की रात गाड़ी में ही गुज़ारले क्युकी यहाँ आस-पास कोई होट

3 रानियों की हिंदी कहानी

3 रानियों की हिंदी कहानी  एक राजा था जिसकी 3 बेटियाँ थी ,3 नो बेटियाँ बहुत समझदार थी ,एक दिन राजा ने अपनी तीनो बेटियाँ  को बुलाया और पूछा की तुम किसका खाती हो ,2 बेटियों ने कहाँ आपका खाते है लेकिन तीसरी  बेटी  ने कहाँ की भगवान का खाते है ,यह बात सुनकर उसके पिता को गुस्सा गया , और उसने 3नो बेटियों को जाने को कहाँ तीनो बेटियाँ वहा से चली गयी, कुछ दिन बाद एक फ़क़ीर वहाँ  मांगने आया ,तब राजा ने अपनी बेटी से कहाँ की अगर तुम भगवान का खाती हो तो तुम्हारी सादी मैं इस फ़क़ीर से  से करा देता हूँ , लड़की ने कहाँ  पापा आपकी मर्ज़ी , राजा गुस्सा हो गया बोला ठीक है ,राजा ने उसकी शादी उस फ़क़ीर से करा दी ,उस फ़क़ीर के पास न घर था , नाही खाना ,वो दोनों भूखे घूम रहे थे ,घुमते-घुमते वो लोग एक जंगल में चले गए , ये भी पढ़े  और दोनों काफी थक चुके थे तो वो एक पेड़ के निचे बैठ गए ,बैठते ही उन दोनों को नींद आगयी और दोनों सो गए ,सोते वक़्त लड़की को एक सपना आया की उसका पति एक राजा है और उसे किसी पेड़ से टकराने की वज़ह से उसकी ये हालत हो गयी है , लड़की की नींद तुरंत खुल गयी उसने अपने पति  उठाया और दोनों फि

3 भाइयो की hindi kahani

एक व्यक्ति के 3 बेटे थे ,तीनो में बहुत अंतर था ,3 नो अलग-अलग स्वभाव के थे बड़ा बेटा  बहोत मुर्ख और बतमीज़ था ,मझला थोड़ा समझदार था ,और सबसे छोटा बेटा  अति बुद्धिमान और संस्कारी था ,वो हमेसा अपने से बरो का आदर सत्कार करता है ,उस व्यक्ति को अपने सबसे बड़े बेटे की बहोत चिंता रहती थी ,किसी काम की वजह से उन्हें दूसरे गांव जाना था ,और वो गांव काफी दूर था ,इसी लिया उन्होंने अपने साथ खाना और कपड़ा ले लिया और यात्रा के लिए निकल परे, यात्रा के कुल 3 दिन होगये थे लेकिन वो अपनी मंजिल तक  नहीं पहुँच पाए थे ,वो लोग रास्ता भटक गए और खो गए उन्हें रास्ता याद नहीं आ रहा था ,उनके खाने का सामान खत्म हो गया था वो 2 दिनों से भूखे थे ,वो सभी एक पेड़ के निचे बैठ गये ,थोड़ी देर बाद उन्होंने एक घोड़े की आवाज़ सुनी  और देखा की वो एक व्यापारी था ये भी पढ़े  और उसके पास  बहोत साड़ा खाने का सामान एक गांव से दूसरे गांव वो बेचने जा रहा है था उस व्यक्ति ने अपने सबसे बड़े बेटे से बोला  की जाओ और उस व्यापारी से कुछ खाने को मांगो बड़ा बेटा  वहा जाता  और व्यापारी से बोलता है , बड़ा बेटा : अरे ओ व्यापारी तू इतना माल ले जा

essay on ganesh chaturthi festival in hindi language

भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है यहाँ हर धर्म के लोग रहते  है ,भारत में  हर एक त्यौहार बड़े  ही उल्लाश और ख़ुशी के साथ मनाया जाता है यहाँ पर दीपावाली,होली,ईद,बकरीद बहोत ही प्रसिद्ध त्योहार है और बड़े  ही उल्लाश के साथ मनाया गता है। गणेश चतुर्थी भी उनमे से एक है जो भारत में बहोत धूम-धाम से मनाया  जाता है ,और महाराष्ट्र में तो इस त्योहार को बहोत ही अच्छे तरिके से आयोजित किया जाता है ये त्यौहार करीब 11 दिनों तक चलता इसमें गणेश जी पकी प्रतिमा लगायी जाती है ,लोग दूर-दूर से महाराष्ट्र गणेश चतुर्थी देखने जाते है , लोगो की बहोत आस्था इस त्यौहार से जुड़ी होती है ,लोगो पुरे साल इस दिन का इंतज़ार करते है ,खासकर बच्चे ,क्युकी इस तरह-तरह की मिठाया बनती है ,बाजार में बहोत भीड़ होती है।  मेले लगते है बच्चे मेले में खुमने जाते है और गणेश जी की मूर्ति लाते है ,गणेश जी की  मूर्ति को को घर के मदिर में अस्थापित करते है ,और उनकी पूजा अर्चना करते है। गणेश चतुर्थी पे लेख आप national hindi से लिख सकते है।  गणेश चतुर्थी भारत में मनाये जाने वाले त्योहारो में से एक प्रमुख त्योहार है जो भारत के कोने-कोने मे

राशन कार्ड में गरबड़ी,कई लोगो के नाम छूटे

राशन कार्ड में  गरबड़ी , कई लोगो के नाम छूटे  पटना:राशन कार्ड में कई अस्तरों में शहरी  छेत्र  में गरबड़ी सामने आयी है ,यह समस्या सिर्फ एक या दो वार्ड की नहीं है हर वार्ड का यही  हाल है। अगर घर में 5 लोग है तो सिर्फ 1 या 2 लोगो के नाम राशन कार्ड में है ,परिवार के अन्य लोगो के नहीं है ,जबकि राशन कार्ड में फोटो घर के सभी लोगो की है। वही जिनके घर में लोगो की संख्या 6 या 7 है वह सिर्फ 3 लोगो के नाम राशन कार्ड में है , ऐसे में वार्ड पार्षदों की समस्या बढ़ गयी है ,आम लोगो को समझाने  में उन्हें काफी परेशानी हो रही है ,वार्ड पार्षद लॉकडाउन के बाद नाम जुरवाने का अस्वासन दे रहे है।  एजेंसी की गलती भुगत रहे है गरीब  जानकारी  अनुसार राशन कार्ड  बनाने की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को दी गयी थी ,उसने डाटा  ऑपरेटर की माध्यम से राशन कार्ड में  नाम अंकित करवाया था ,इसी जल्दबजी में प्रत्येक कार्ड में पुरे परिवार का  नाम अंकित नहीं हो पाया है ,कही-कही सिर्फ एक लोग के नाम है और कुछ लोग जिनके राशन कार्ड पुराने है उनके नाम  काट दिए गए है। वार्ड  पार्षद बोले : पार्षदों ने कहा की इस तरह की काफी समस्या

holi 2020 in india

होली भारत में मनाये जाने वाले त्योहारो में से एक सबसे प्रसिद्ध त्योहार है ,होली को रंगो का त्योहार कहना गलत नहीं होगा क्युकी लोग इस  दिन एक दूसरे को गुलाल लगाते है। बच्चो में होली को लेके अधिक उत्सुकता रहती है ,होली त्योहार रंगो  के साथ-साथ ख़ुशी का भी त्यौहार है। इस दिन लोग मन मोटव छोर  के एक दूसरे से मिलते है और साथ में होली मनाते है। और एक दूसरे को होली की शुभ  कामनाये देते है ,एक दूसरे को गुलाल भी लगाते है। इस दिन कुछ लोग ठंडाई भी पीते है। और दोपहर तक यही सब चलता है ,फिर थोड़ा आराम करते है और फिर शाम को  दोस्तों परिजनों से मिलते है। उन्हें मिठाईया खिलाते  है। चुकी होली का त्योहार मार्च की महीने में होता है ,स्कूल की एग्जाम लगभग ख़तम होती है ,और होली की छुट्टी लम्बी चलती है , इसी वजह से सारे  लोग घर आ जाते है और मिलके होली का त्योहार मानते है ,होली के त्योहार  लोग पहले से ही बहोत उत्सुक रहते है ,क्युकी होली तीन-चार दिनों तक चलता है ,पहले दिन को रात में होलिका दहन की जाती है ,और अगले दिन एक दूसरे को गुलाल लगाके होली का त्यौहार मनाया जाता है ये भी पढ़े  होली कब मनाई जाती है

deepawali in hindi eassay

दीपावली| deepawali|  या दिवाली| diwali|  हर साल बड़े  धूम -धाम से मनाया जाता है। दीपावली का त्योहार कार्तिक मास के के अमावश्या को मनाया जाता है ,जो की अक्टूबर या नवंबर का महीना होता है ,ये त्योहार अंधकार पे प्रकाश की विजय को दर्शाता है ,यह त्योहार हिन्दू ,जैन और बुद्ध समुदाय ले लोगो दवारा मनाया जाता है ,दिवाली धनतेरस के दो दिन पहले सुरु हो जाती है ,दीपावली का त्योहार ख़ुशी का त्योहार है क्युकी इस दिन सबलोग मिलके साथ में दीपावली का आननद लेते है अपने मन मुटाव दूर करते है सब साथ मिलके एक दूसरे की मदद करते है ,तरह-तरह के पकवान  बनाते है और साथ मिलके खाते  है , चुकी दीपावली  में छुट्टी बहुत लम्बी  होती है इसीलिए सभी लोग अपने  घर जाते है ,भारत में दीपावली त्योहार  का बहुत महत्व है इस लिए भारत में दीपावली की छुट्टी बहोत दिनों तक चलती है ,दीपावली के दिन मेले लगते है सब लोग मिलके मेले देखने जाते है ,और बच्चे खिलोने खरीदते है ,इस दिन "मुरी "और "बतासा" खाने की प्रथा है ,बाजार में तरह-तरह के वयंजन मिलते है मंदिरो में पूजा के लिए बहुत अत्यधिक भीड़ होती है मंदिर लोगो से भरा होत

raksha bandhan 2020 hindi

रक्षा बंधन किसी धर्म से जुड़ा नहीं है ,ये भाई और बहन के बिच का त्योहार  है। इस दिन बहने अपने भाइयो को राखी बांधती है ,और भाई ये वादा करते है की ज़िन्दगी भर उसकी रक्षा करेंगे और तौफा देते है इस  दिन के लिए बहने बहोत दिनों से इंतज़ार करती है और बड़े  प्रशांता  के साथ राखी लाती ,वो चाहती है की मार्किट की सबसे अच्छी राखी अपने भाइयो के लिए लाये,इस दिन मार्किट में बहोत बहुत भीड़  होती है ,और जिधर देखो उधर राखी ही दिखती है।  इस बार रक्षा बंधन का त्योहार 3 अगस्त को मनाया जाएगा यही श्रावण के पूर्णिमा के दिन , क्या होता है रक्षा बंधन के दिन  रक्षा बंधन के दिन लोग सवेरे -सवेरे  उठकर स्नान करते है और नये-नये कपड़े पहनकर एक जगह आकर बैठ जाते है,बहने  अपने भियो का इंतज़ार करती है ,जब वो आ जाते है तो आरती की थाल सजाती  है और  भाइयो को राखी बांधती है। और तिलक लगाती है ,भाई उन्हें तौफे देते है ,इस दिन तरह-तरह के पकवान बनाते है , जो बहने अपने भाई  भाइयो की राखी नहीं बांध पति है वो उन्हें भेज देती है ताकि वो उन्हें उनकी बहन की याद दिलाये ,इस दिन को स्कूल में भी अहम माना जाता है ,क्युकी इस

बकरीद या eid_al_adha का महत्व और प्रथा

मुस्लिम समुदाय के लोगो का बहुत कम त्यौहार होता है ,ज़यादा तर हमने" ईद-अल-फ़ित्र " और "बकरीद"| bakrid|  ये दोनों नाम सुने होंगे दोनों ही त्यौहार मुस्लिम समुदाय के लोगो के लिए बहुत अहम् है ,उनकी बहोत सारि आस्था इन त्यौहारों से जुड़ी है आज हमलोग बकरीद यानि eid-al-adha   की बात करेंगे , "बरकरीद"|bakrid| या eid-al-adha का महत्व "बकरीद"| bakrid| मुस्लिम समुदाय के लोगो का एक प्रमुख त्यौहार है ,इस दिन का इंतज़ार मुस्लिम समुदाय के लोग बेसब्री से करते है। इस त्यौहार के आते ही लोगो के चेहरे पे अलग ही खुसी होती है ,रमदान के 30 रोजो के बाद ईद आती है ,और लगभग 60 दिनों के बाद बकरीद आता है ,ईद  त्यौहार के जाते ही लोग इस त्यौहार के बारे में सोचने लगते है। इस साल बकरीद 1 अगस्त को मनाई जाएगी  लोगो में इस त्यौहार की बहुत उत्सुकता है। ये त्यौहार पुरे परिवार के साथ मानते है ,इस दिन बच्चे मेले में घूमने जाते है और अपने दोस्तों के यहाँ घूमने जाते है , "बकरीद"| bakrid | के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग क्या-क्या करते है , सुबह जल्दी उठकर स्नान करते है ,