Skip to main content

2 भाइयो की hindi kahani for kids

एक गाँव  की सच्ची कहानी   (true story) उस गांव में दो भाई रहते थे  ,बड़ा भाई बहोत समझदार था और छोटा बेहद बत्तमीज़ ,उसके पिता मरते समय अपनी पूरी संपत्ति अपने बड़े बेटे को देदी और छोटे बेटे को कुछ नहीं दिया क्युकी वो जानते थे ,की उनका  बेटा नालायक है वो सब बेच देगा, लेकिन बड़े भाई ने उससे बेईमानी नहीं की आधा हिस्सा उसे दे दिया ,
2 भाइयो की  hindi kahani for kids


ये kahaani in hindi  आप national hindi पे पढ़ रहे है ,


लेकिन वो उसकी हरकतों से परेशान  हो गये और एक दिन तो उसने सारी हद पार करदी उसने एक लड़की से बतमीज़ी की ये बात उसके बड़े भाई से सहन नहीं हुई ,और उसने अपने भाई को गांव वालो के हवाले कर दिया,और कहाँ की आपलोग ही इसका फैसला करे गांव वालो ने उसे गधे पे बैठा कर पूरा गांव घुमाया और कहाँ की निकल जाओ इस गाओ से ,

ये भी पढ़े 
उस वक़्त वो वहाँ से चला गया और साम को अपने घर वापस चुपके से आया और अपने भाई को कुल्हाड़ी से काट डाला ये देखकर उसकी भाभी चिल्लाई तो उसने उसे भी मार डाला और हवेली में आग लगा दी ताकि सबको लगे की उसके भइया भाभी जलने से मर गए है ,


उसने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ ,सबको लगा की ठाकुर साहब की मौत जलने से हुई ,लेकिन कुछ लोगो को उस पे सक था ऐसे ही कुछ समय बीत गया और उसके मन में गांव  की सारी ज़मीन हड़पने का प्लान किया ,और सारि ज़मीन हड़प भी ली लेकिन उस गांव में एक मास्टर जी रहते थे। 


3 भाइयो की hindi kahani for kids 



उनकी ज़मीन पे वो कब्ज़ा नहीं कर पाया और अब उसे गुस्सा आने लगा उसने मास्टर जी को समझाया की ज़मीन उसे देदे लेकिन मास्टर जी ने ज़मीन उसे नहीं दी ,एक दिन वो आदमी मास्टर जी के घर आया और उसने मास्टर जी की पत्नी को देखा वो वही लड़की थी जिससे उसने बतमीज़ी की थी ,


मास्टर जी की पत्नी को उसने वही मार  डाला ,जब मास्टर जी घर अये तो उनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी ,मास्टर जी ने पूछा कैसे हुआ ये ,सब लोगो ने मास्टर जी को पूरी बात बताई ,मास्टर जी गुस्से में गाँव 
गए और कुछ गाँव वालो को इक्कठा किया और उसकी हवेली पे गए ,


जब वो हवेली पर पहुँचे तो उनके दरवानो ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया वो  से वापस लौट गए लेकिन उन्हें बदला लेने था अपनी पत्नी की मौत का ,थोड़ी देर बाद छोटे ठाकुर का फरमान आया की उसे पुरे गाँव  की ज़मीन चाहिये और कल तक गाँव पूरी तरह खली दिखना चाहिए ,मास्टर जी ने कहाँ ठीक है ,

लेकिन मेरी एक सरथ है में छोटे ठाकुर से मिलना चाहता हूँ ,उनलोगो ने कहाँ की कल वो गाँव में आएंगे मास्टर जी ने कुछ लोगो के साथ छोटे ठाकुर को मारने की योजना बना ली और वो लोग उस समय का इंतज़ार कर रहे थे की कब ठाकुर आएगा और जैसे ही ठाकुर गांव में प्रवेश किया लोगो ने उसे वही मार डाला ,

कहानी से क्या सीखे ,
बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो अच्छाई से हार ही जाती है। 

Comments

Popular posts from this blog

लूडो वाली बहुँ की हिंदी कहानियां

लूडो वाली बहुँ  Hindi kahaniya  लूडो वाली बहुँ : विदाई के वक़्त मंजू की मम्मी मंजू से कहती है देख रे मंजू दूसरे शहर के लोग है इन्हे तेरी मोबाइल के एडिक्शन नहीं पता और रिस्ता हो गया वहाँ कोई नाटक मत करना नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। मंजू अपने ससुराल पहुंच जाती हैं।  जहाँ उसे उसकी सास कहती है ,अब सास को आराम देकर  तुहि मेरे बेटे और इस घर का ख्याल  रखेगी अभी तो कोई काम है नहीं इसी लिए कल से सारि ज़िमेदारी सम्भाल लेना बेटा ,मंजू अपने कमरे में आराम करती है और अगली सुबह ससुराल में सारा काम संभाल लेती है  लेकिन काम करते हुए गुस्से में बर-बाराती भी रहती है (सारा घर सम्भाल लेना बहु लेकर आई है या नौकरानी एक तो घर न जाने कौन से कोने में है जहाँ इंटरनेट का एक सिग्नल तक नहीं आता और बात तो ऐसे करती है जैसे न जने कौन से ख़जाने की मालकिन हो )  सास: पहले ही दिन क्या हो गया बहु जो घर में कैलिसि फैला रही हो  बहुँ: अभी तक कुछ किया नहीं मम्मी जी बस अपनी किस्मत पर रो रही हूँ। मायके में पूरा समय wifi से लूडो खेलती थी यहाँ तो नोटिफिकेशन देखने लायक़ इंटरनेट नहीं चलता। लूडो क्या  घंटा

3 भाइयो की hindi kahani

एक व्यक्ति के 3 बेटे थे ,तीनो में बहुत अंतर था ,3 नो अलग-अलग स्वभाव के थे बड़ा बेटा  बहोत मुर्ख और बतमीज़ था ,मझला थोड़ा समझदार था ,और सबसे छोटा बेटा  अति बुद्धिमान और संस्कारी था ,वो हमेसा अपने से बरो का आदर सत्कार करता है ,उस व्यक्ति को अपने सबसे बड़े बेटे की बहोत चिंता रहती थी ,किसी काम की वजह से उन्हें दूसरे गांव जाना था ,और वो गांव काफी दूर था ,इसी लिया उन्होंने अपने साथ खाना और कपड़ा ले लिया और यात्रा के लिए निकल परे, यात्रा के कुल 3 दिन होगये थे लेकिन वो अपनी मंजिल तक  नहीं पहुँच पाए थे ,वो लोग रास्ता भटक गए और खो गए उन्हें रास्ता याद नहीं आ रहा था ,उनके खाने का सामान खत्म हो गया था वो 2 दिनों से भूखे थे ,वो सभी एक पेड़ के निचे बैठ गये ,थोड़ी देर बाद उन्होंने एक घोड़े की आवाज़ सुनी  और देखा की वो एक व्यापारी था ये भी पढ़े  और उसके पास  बहोत साड़ा खाने का सामान एक गांव से दूसरे गांव वो बेचने जा रहा है था उस व्यक्ति ने अपने सबसे बड़े बेटे से बोला  की जाओ और उस व्यापारी से कुछ खाने को मांगो बड़ा बेटा  वहा जाता  और व्यापारी से बोलता है , बड़ा बेटा : अरे ओ व्यापारी तू इतना माल ले जा

4 story in hindi language with morals

ईमानदारी का इनाम  1.  एक गाँव में एक पेंटर रहता था ,वो बहोत ईमानदार था और कभी किसी से बेमानी नहीं करता था। वो दिन रात मेहनत करता था ,फिर भी उसे 2 वक़्त की रोटी ही मिल पाती थी ,वो हमेसा सोचता की कभी उसे कोई बड़ा काम मिले और वो अच्छे से पैसे कमा सके , एक दिन उसके पेंट की अदाकारी के बारे में जमींदार साहब को पता चला जमींदार साहब ने उसे बुलाया और कहाँ तुम्हें मेरी नाव पेंट करनी है , पेंटर: जी ठीक है हो जाएगा  ज़मीनदार: अच्छा ये तो बताओ कितना लोगो , पेंटर: साहब ऐसे तो नाव पेंट के 1500 होते है। आपको जो मन हो वो देदे, ज़मीनदार: ठीक है चलो नाव देख लो  पेंटर: चलिए  पेंटर नाव देख लेता है ,और बोलता है जमींदार साहब मैं अभी पेंट लेके आता हूँ , पेंटर पेंट लेके आता है ,और पेंट करना सुरु कर देता है। जब वो पेंट करते-करते नाव के बिच में आता है तो देखता है ,की उसमे एक सुराख़  है ,वो उस को भर देता है और पेंट पूरा होने के बाद जमींदार को बुला कर ले आता है ,जमींदार उसके काम से बहोत खुश होता है , और बोलता है कल अपने 1500 ले लेना ,वो उस सुराख़ के विषय में जमींदार को नहीं बताता है और वो वहाँ से चला