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3 भाइयो की hindi kahani


एक व्यक्ति के 3 बेटे थे ,तीनो में बहुत अंतर था ,3 नो अलग-अलग स्वभाव के थे बड़ा बेटा  बहोत मुर्ख और बतमीज़ था ,मझला थोड़ा समझदार था ,और सबसे छोटा बेटा  अति बुद्धिमान और संस्कारी था ,वो हमेसा अपने से बरो का आदर सत्कार करता है ,उस व्यक्ति को अपने सबसे बड़े बेटे की बहोत चिंता रहती थी ,किसी काम की वजह से उन्हें दूसरे गांव जाना था ,और वो गांव काफी दूर था ,इसी लिया उन्होंने अपने साथ खाना और कपड़ा ले लिया और यात्रा के लिए निकल परे,
3 भाइयो की  hindi kahani


यात्रा के कुल 3 दिन होगये थे लेकिन वो अपनी मंजिल तक  नहीं पहुँच पाए थे ,वो लोग रास्ता भटक गए और खो गए उन्हें रास्ता याद नहीं आ रहा था ,उनके खाने का सामान खत्म हो गया था वो 2 दिनों से भूखे थे ,वो सभी एक पेड़ के निचे बैठ गये ,थोड़ी देर बाद उन्होंने एक घोड़े की आवाज़ सुनी और देखा की वो एक व्यापारी था

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और उसके पास  बहोत साड़ा खाने का सामान एक गांव से दूसरे गांव वो बेचने जा रहा है था उस व्यक्ति ने अपने सबसे बड़े बेटे से बोला  की जाओ और उस व्यापारी से कुछ खाने को मांगो बड़ा बेटा  वहा जाता 
और व्यापारी से बोलता है ,

बड़ा बेटा: अरे ओ व्यापारी तू इतना माल ले जा रहा है कुछ हमें भी दो 

व्यापारी ने सोचा : ये कितना  मुर्ख है व्यक्ति है ,कितनी कर्वी बोली बोल रहा है मै भी इसे कठोर व्यंजन ही दूंगा ,उसने एक कठोर फल की टोकरी देदी ,

और  उसका बेटा  वापस आगया जहाँ  उसके पिता और भाई बैठे थे। 

पिता ने अपने दूसरे बेटे से कहा अब तुम  गाओ और उस व्यापारी से कुछ खाने को मानगो ,दूसरा बेटा व्यापारी के पास जाता है, और व्यापारी से बोलता है।
दूसरा बेटा : व्यापारी भाई तुम इतना सामान ले जा रहा है ,थोड़ा हमें भी देदो 

व्यापरी ने सोचा: इसने मुझे भाई कहा है ,मुझे इसकी मदद करनी ही पड़ेगी ,उसने अपनी दो टोकरी उठयी और उसको देदी ,

ये  kahniya hindi में आप  national hindi पे पढ़ रहे है ,

दूसरा बेटा अपने पिता है भाइयो के पास दोनों टोकरी लेके आता है ,

अब उसके पिता ने अपने सबसे छोटे बेटे से कहा की अब तुम जाओ और उस व्यापारी से कुछ खाने को मानगो 

अभी व्यापारी थोड़ा आगे ही बढ़ा था की उसके सबसे छोटे बेटे ने आवाज़ लगायी ,और व्यापारी से कहाँ 

सबसे छोटा बीटा: मित्र तुम इतना माल ले जा रहे हो थोड़ा हमें भी देदो ,

व्यापारी ने सोचा: इसने मुझे अपना मित्र कहा है ,और मित्र भाई से बढ़कर होता है ,

व्यापारी ने कहा: मित्र इस गाड़ी में भरा पूरा सामान तुम्हारा है ,बोलो कहा लेके चलु ,
 सबसे छोटा बेटा व्यापारी को अपने पिता और भाइयो के पास लेके आजाता है ,

तब पिता ने कहा देखो और समझो जिसने जैसा आचरण किया उसे वैसा ही फल मिला ,

इस कहानी से क्या सीखे :

इस कहानी से हमने यह सीख मिली की हमें हमेसा मीठी  वाणी बोलनी चाहिए ,

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