Skip to main content

राशन कार्ड में गरबड़ी,कई लोगो के नाम छूटे

राशन कार्ड में  गरबड़ी,कई लोगो के नाम छूटे 
rasan card images

पटना:राशन कार्ड में कई अस्तरों में शहरी  छेत्र  में गरबड़ी सामने आयी है ,यह समस्या सिर्फ एक या दो वार्ड की नहीं है हर वार्ड का यही  हाल है। अगर घर में 5 लोग है तो सिर्फ 1 या 2 लोगो के नाम राशन कार्ड में है ,परिवार के अन्य लोगो के नहीं है ,जबकि राशन कार्ड में फोटो घर के सभी लोगो की है।

वही जिनके घर में लोगो की संख्या 6 या 7 है वह सिर्फ 3 लोगो के नाम राशन कार्ड में है , ऐसे में वार्ड पार्षदों की समस्या बढ़ गयी है ,आम लोगो को समझाने  में उन्हें काफी परेशानी हो रही है ,वार्ड पार्षद लॉकडाउन के बाद नाम जुरवाने का अस्वासन दे रहे है।


 एजेंसी की गलती भुगत रहे है गरीब 
जानकारी  अनुसार राशन कार्ड  बनाने की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को दी गयी थी ,उसने डाटा  ऑपरेटर की माध्यम से राशन कार्ड में  नाम अंकित करवाया था ,इसी जल्दबजी में प्रत्येक कार्ड में पुरे परिवार का  नाम
अंकित नहीं हो पाया है ,कही-कही सिर्फ एक लोग के नाम है और कुछ लोग जिनके राशन कार्ड पुराने है उनके नाम  काट दिए गए है।
वार्ड  पार्षद बोले :

पार्षदों ने कहा की इस तरह की काफी समस्या है। इसमें सुधार  की जरूरत है ,इसकी जानकारी लॉकडाउन के बाद जिला प्रशासन को  दी जाएगी ताकि इसमें सुधार हो सके।
वार्ड 41 की पार्षद  ने बताया की जिला प्रशासन की ओर से बनाये गए राशन कार्ड में कई लोगो के नाम छूट गए है ,कई लोगो के राशन कार्ड  पे सिर्फ एक सदस्य का नाम है बाकि सदस्य के  नहीं ,ऐसे में दिक्कत हो सकती है क्युकी प्रत्येक सदस्य को 5 किलो राशन दिया जाता है।










Comments

Popular posts from this blog

लूडो वाली बहुँ की हिंदी कहानियां

लूडो वाली बहुँ  Hindi kahaniya  लूडो वाली बहुँ : विदाई के वक़्त मंजू की मम्मी मंजू से कहती है देख रे मंजू दूसरे शहर के लोग है इन्हे तेरी मोबाइल के एडिक्शन नहीं पता और रिस्ता हो गया वहाँ कोई नाटक मत करना नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। मंजू अपने ससुराल पहुंच जाती हैं।  जहाँ उसे उसकी सास कहती है ,अब सास को आराम देकर  तुहि मेरे बेटे और इस घर का ख्याल  रखेगी अभी तो कोई काम है नहीं इसी लिए कल से सारि ज़िमेदारी सम्भाल लेना बेटा ,मंजू अपने कमरे में आराम करती है और अगली सुबह ससुराल में सारा काम संभाल लेती है  लेकिन काम करते हुए गुस्से में बर-बाराती भी रहती है (सारा घर सम्भाल लेना बहु लेकर आई है या नौकरानी एक तो घर न जाने कौन से कोने में है जहाँ इंटरनेट का एक सिग्नल तक नहीं आता और बात तो ऐसे करती है जैसे न जने कौन से ख़जाने की मालकिन हो )  सास: पहले ही दिन क्या हो गया बहु जो घर में कैलिसि फैला रही हो  बहुँ: अभी तक कुछ किया नहीं मम्मी जी बस अपनी किस्मत पर रो रही हूँ। मायके में पूरा समय wifi से लूडो खेलती थी यहाँ तो नोटिफिकेशन देखने लायक़ इंटरनेट नहीं चलता। लूडो क्या  घंटा

3 भाइयो की hindi kahani

एक व्यक्ति के 3 बेटे थे ,तीनो में बहुत अंतर था ,3 नो अलग-अलग स्वभाव के थे बड़ा बेटा  बहोत मुर्ख और बतमीज़ था ,मझला थोड़ा समझदार था ,और सबसे छोटा बेटा  अति बुद्धिमान और संस्कारी था ,वो हमेसा अपने से बरो का आदर सत्कार करता है ,उस व्यक्ति को अपने सबसे बड़े बेटे की बहोत चिंता रहती थी ,किसी काम की वजह से उन्हें दूसरे गांव जाना था ,और वो गांव काफी दूर था ,इसी लिया उन्होंने अपने साथ खाना और कपड़ा ले लिया और यात्रा के लिए निकल परे, यात्रा के कुल 3 दिन होगये थे लेकिन वो अपनी मंजिल तक  नहीं पहुँच पाए थे ,वो लोग रास्ता भटक गए और खो गए उन्हें रास्ता याद नहीं आ रहा था ,उनके खाने का सामान खत्म हो गया था वो 2 दिनों से भूखे थे ,वो सभी एक पेड़ के निचे बैठ गये ,थोड़ी देर बाद उन्होंने एक घोड़े की आवाज़ सुनी  और देखा की वो एक व्यापारी था ये भी पढ़े  और उसके पास  बहोत साड़ा खाने का सामान एक गांव से दूसरे गांव वो बेचने जा रहा है था उस व्यक्ति ने अपने सबसे बड़े बेटे से बोला  की जाओ और उस व्यापारी से कुछ खाने को मांगो बड़ा बेटा  वहा जाता  और व्यापारी से बोलता है , बड़ा बेटा : अरे ओ व्यापारी तू इतना माल ले जा

4 story in hindi language with morals

ईमानदारी का इनाम  1.  एक गाँव में एक पेंटर रहता था ,वो बहोत ईमानदार था और कभी किसी से बेमानी नहीं करता था। वो दिन रात मेहनत करता था ,फिर भी उसे 2 वक़्त की रोटी ही मिल पाती थी ,वो हमेसा सोचता की कभी उसे कोई बड़ा काम मिले और वो अच्छे से पैसे कमा सके , एक दिन उसके पेंट की अदाकारी के बारे में जमींदार साहब को पता चला जमींदार साहब ने उसे बुलाया और कहाँ तुम्हें मेरी नाव पेंट करनी है , पेंटर: जी ठीक है हो जाएगा  ज़मीनदार: अच्छा ये तो बताओ कितना लोगो , पेंटर: साहब ऐसे तो नाव पेंट के 1500 होते है। आपको जो मन हो वो देदे, ज़मीनदार: ठीक है चलो नाव देख लो  पेंटर: चलिए  पेंटर नाव देख लेता है ,और बोलता है जमींदार साहब मैं अभी पेंट लेके आता हूँ , पेंटर पेंट लेके आता है ,और पेंट करना सुरु कर देता है। जब वो पेंट करते-करते नाव के बिच में आता है तो देखता है ,की उसमे एक सुराख़  है ,वो उस को भर देता है और पेंट पूरा होने के बाद जमींदार को बुला कर ले आता है ,जमींदार उसके काम से बहोत खुश होता है , और बोलता है कल अपने 1500 ले लेना ,वो उस सुराख़ के विषय में जमींदार को नहीं बताता है और वो वहाँ से चला