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deepawali in hindi eassay

दीपावली|deepawali| या दिवाली|diwali| हर साल बड़े  धूम -धाम से मनाया जाता है। दीपावली का त्योहार कार्तिक मास के के अमावश्या को मनाया जाता है ,जो की अक्टूबर या नवंबर का महीना होता है ,ये त्योहार अंधकार पे प्रकाश की विजय को दर्शाता है ,यह त्योहार हिन्दू ,जैन और बुद्ध समुदाय ले लोगो दवारा मनाया जाता है ,दिवाली धनतेरस के दो दिन पहले सुरु हो जाती है ,दीपावली का त्योहार ख़ुशी का त्योहार है क्युकी इस दिन सबलोग मिलके साथ में दीपावली का आननद लेते है अपने मन मुटाव दूर करते है सब साथ मिलके एक दूसरे की मदद करते है ,तरह-तरह के पकवान  बनाते है और साथ मिलके खाते  है ,
Deepawali sweet images

चुकी दीपावली  में छुट्टी बहुत लम्बी  होती है इसीलिए सभी लोग अपने  घर जाते है ,भारत में दीपावली त्योहार  का बहुत महत्व है इस लिए भारत में दीपावली की छुट्टी बहोत दिनों तक चलती है ,दीपावली के दिन मेले लगते है सब लोग मिलके मेले देखने जाते है ,और बच्चे खिलोने खरीदते है ,इस दिन "मुरी "और "बतासा" खाने की प्रथा है ,बाजार में तरह-तरह के वयंजन मिलते है मंदिरो में पूजा के लिए बहुत अत्यधिक भीड़ होती है मंदिर लोगो से भरा होता है लोगो में उत्साह और जोश होता है|दिपावली फोटो|


Deepawali images



धनतेरस :
"धनतेरस" का दिन भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है ,धनतेरस दिवाली(diwali) के एक दिन पहले आता इस दिन को लोग बहोत शुभ  मानते है ,और इस दिन घर में कुछ न कुछ जैसे सोना,चांदी,अदि जैसी चीजे खरीदते है
इस दिन मार्किट में तरह-तरह के ऑफर मिलते है।

दीपावली |deepawali| का महत्व deepawali eassay in hindi 200 words| 

दीपावली|deepawali| दो सब्दो को जोर कर बनता है। "दीप" का मतलब होता है दिया और आवली का मत्लब होता है,लाइन इस त्योहर में घरो के ऊपर दिए जलाये जाते है ,चुकी दीपावलीdipawali| नेपाल और भारत में बहोत उल्लाश के साथ मनाया जाता है ,इसलिए लिए स्कूल व कॉलेजो में लम्बी छुट्टी होती है तो सारा परिवार एक साथ मिलकर दीपावली| deepawali|  पावन त्योहार मनाते है ,इस त्योहार में बहोत सारे शोपिंग करते है सोने चांदी खरीदते है अगर किसी कुछ लेना हो जैसे कार,बाइक,ट्रक आदि तो वो दीपावली|deepawali|  का इंतज़ार करता है ,



और जब ऑफर मिलता है तो उसे खरीदते है ,इस तयोहार में पुरे परिवार के लिए कपड़े और तौफे लेते है , दोस्तों और परिजनों में मिठाईया बाटते है ,महिलाये घर के फर्श पर रागगोलिया बनाती है और पुरुष घर में अलग-अलग तरीको से प्रकाश लाने की कोसिस करते है ,इस दिन दिवालो और छतो पर दिए जलाये जाते है ,इस दिन धन और समृद्धि की देवी सरस्वती और अन्य भगवानो की पूजा होती है ,रात के समय आसमान में आतिशबाज़ी की जाती है जिसे रात के समय भी दिन का प्रतीत होता है|


क्यों मनाते  है दीपावली| why we celebrate deepawali|


"हिन्दू" ग्रंथ "रामायण" के बताया गया है की बहुत से लोग दीपावली|deepawali| इस लिए मनाते है ,क्युकी इस दिन 14 वर्ष के  वनवास के बाद भागवान राम अपने राज्ये में वापस लौटे थे ,और कई लोग इसे धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी से जुड़ा मानते है ,इस दिन देवी "लक्ष्मी" ने भगवान्  "विष्णु" को  अपने वर के रूप में चुन लिया था,और फिर उन्होंने शादी कर ली ,|

भारत के कुछ राज्य जैसे "ओर्रिसा" और "बंगाल" में लोग "लक्ष्मी" की गजह "काली" की पूजा करते है ,दीप जलने के भी अलग -अलग मिथक  है कुछ लोग मानते  है की इस दिन भगवन "राम" ने "रावण" का वध किया था ,और वो अपने राज्य लौटे  थे ,इसकी ख़ुशी में लोग आज भी दीपावली|deepawali|  का पावन त्योहार मनाते  है भारत के कुछ राज्य में दीपावली|deepawali|  एक नये हिन्दू वर्ष को दर्शाता है और उसका प्रतिक है।|

दीपावली के फायदे 
दीपावली में सभी लोग अपने घर आते है ,और इसी बहाने घर के सफाई भी हो जाती है ,क्युकी दीपावली की दिन सफाई का बहुत  महत्व है ऐसा माना जाता है की इस दिन देवी लक्ष्मी की कृपा बानी रहती है ,इस दिन छोटे से लेके बड़े व्यापारियों को बहोत मुनाफा होता है ,क्यूको लोग इस दिन बहुत पैसे खर्च करते है ,|


दिवाली से नुकसान 

इस दिन लोग फटाके फोरते है जो की हमारे वातावरण के लिए काफी नुकसान है ,और इन फटाको से कई घरो में आग भी लग जाती है ,अत्याधिक जल को बर्वाद करते है ,जायद ऑयली चीज का सेवन करके स्वास्थ ख़राब करने से स्वास्थ ख़राब हो जाती है ,दिये में ज़यादा आयल खर्च होता है ,और लोगो को दिखाने के लिए  लोग अधिक फ़िज़ूल खर्च करते है। विद्युत ऊर्जा भी काफी बर्वाद करते है|

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