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holi 2020 in india

होली भारत में मनाये जाने वाले त्योहारो में से एक सबसे प्रसिद्ध त्योहार है ,होली को रंगो का त्योहार कहना गलत नहीं होगा क्युकी लोग इस  दिन एक दूसरे को गुलाल लगाते है। बच्चो में होली को लेके अधिक उत्सुकता रहती है ,होली त्योहार रंगो  के साथ-साथ ख़ुशी का भी त्यौहार है। इस दिन लोग मन मोटव छोर  के एक दूसरे से मिलते है और साथ में होली मनाते है।
Holi written images

और एक दूसरे को होली की शुभ  कामनाये देते है ,एक दूसरे को गुलाल भी लगाते है। इस दिन कुछ लोग ठंडाई भी पीते है। और दोपहर तक यही सब चलता है ,फिर थोड़ा आराम करते है और फिर शाम को  दोस्तों परिजनों से मिलते है। उन्हें मिठाईया खिलाते  है। चुकी होली का त्योहार मार्च की महीने में होता है ,स्कूल की एग्जाम लगभग ख़तम होती है ,और होली की छुट्टी लम्बी चलती है ,


इसी वजह से सारे  लोग घर आ जाते है और मिलके होली का त्योहार मानते है ,होली के त्योहार  लोग पहले से ही बहोत उत्सुक रहते है ,क्युकी होली तीन-चार दिनों तक चलता है ,पहले दिन को रात में होलिका दहन की जाती है ,और अगले दिन एक दूसरे को गुलाल लगाके होली का त्यौहार मनाया जाता है
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होली कब मनाई जाती है | when holi is celebrated|

होली का पावन त्योहार फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। 

होली की कहानी  |
history of holi in hindi|

1. होली के त्योहार की  अनेक कथा है ,जिनमे असुर वाली कथा बहुत प्रचलित है एक बहोत विशाल और ताक़तवर असुर था जिसका नाम था "हिरण्यासीपु " उसे अपने ताकत पे बहुत गुरुर था  वो खुद को ईश्वर मानता था ,उनसे अपने राज्य के लोगो को ईश्वर की पूजा करना या उनका नाम लेना सख्त मन करदिया ,||

उस असुर का एक बेटा था जो की पराम् ईश्वर भक्त था ,उसने अपने बेटे को भी ईश्वर की पूजा करने से मना किया लेकिन वो नहीं माना और अपने ईश्वर भक्ति में मगन हो गया ,उसकी एक बहन थी जिसको वरदान था  आग भी उसे नस्ट नहीं कर सकती है ,

उसने अपनी बहन के कहा की उसके पुत्र को गोद में लेकर आग में बैठ जाओ उसने ऐसा ही किया और वो जल गई और उसके पुत्र को एक खरोच भी नहीं आयी ,इसी इस्वर भक्ति को याद करने के लिए होलिका दहन का रिवाज किया जाता है।

प्राचीन ग्रथों में ये पाया गया ही की होली मुस्लिम राजाओ द्वारा भी मनाई जाती थी जैसे "शहेंशा जलाल" पत्नी एक हिंदू थी लेकिन "जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर " एक मुस्लिम राजा थे फिर वो "जोधा" के साथ  होली का त्योहार मनाते थे और उन्हें भी होली मानाने की पूरी छूट दे राखी थी।| holi in hindi paragraph|    


होली के दिन की परम्पराएँ

होली का मुख्य काम झंडा या डंडा गारना होता है ,और फिर उस गजह पे जलाने का सामान जुटाया जाता है ,होली के पहले दिन होलि जलायी जाती है ,होलिका में पुराने कपड़े और लकड़िया जलायी जाती है ,और कई जगह गाय के गोबर से बानी हुई चीजे जलाये जाते  है ,और दूसरे दिन एक दूसरे को गुलाल लगाते  है और होली खेलते है ,होलिका दहन के दौरान घर के सरे लोग वह मजूद होते है ,गांव के लोग रात भर जागते है और गीत गाते है ढोलक बजाते है ,

होली के नुकसान 

आज कल   हमलोग जिस गुलाल या रंग का इस्तेमाल करते है उसमे बड़ी  मात्रा में केमिकल का उपयोग होता है ,जिससे त्वचा खराब हो जाती है और तो और आज के  दिन लोग गलत संगती में आकर ठंडाई का भी सेवन कर लेते है और इसके वजह से कई हादसे होते है।प्राचीन काल  के लोग जिस गुलाल का इस्तेमाल करते थे ,उसमे मिलावट कम होती थी इसी लिए उसकी त्वचा पर ज़्यादा प्रभाव नहीं परता था।  

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