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समझदार दुकानदार online story reading in hindi

समझदार दुकानदार (story with moral)

Hindi kahani for kids

एक बहोत बड़ा गाँव  था ,उस गाँव का एक चौक था। उस चौक पे बहुत सरे खाने-पिने का सामान मिलता था ,उस चौक एक समोसे की दुकान थी ,उस दुकान के समोसे बहोत प्रसिद्ध थे ,उस दुकान पे हमेसा बहोत भीड़ लगी रहती। 

एक दिन एक बड़ा व्यापारी उस चौक पे आया और देखा की इस चौक पे बहोत भीड़ रहती है। उसने सोचा की अगर मैं यहाँ दुकान ले लू तो माला -माल हो जाऊंगा ,उसने इधर-उधर नज़र घुमाया और देखा की समोसे की दुकान पे बहोत भीड़ है।  ,


उसने सोचा क्यों न मैं भी समोसे की ही दूकान खोल लूँ ,और उसने उस दुकान वाले के सामंने ही एक दुकान लेली और दुकान को अच्छे से सज़ा ली। अब उसने कड़ाही में ख़राब क्वॉलिटी का तेल उसमे डाला और एक अज़ीम सा मसाला सामग्री में मिला दी ,


और समोसे तलने सुरु कर दिये और जब उसने पुरे समोसे तल लिए तब उसने सोर मचाके लोगोँ को बुलाना सुरु किया थोड़ी देर बाद कुछ लोग समोसे लेने उसके दुकान पे अये ,

आप ये baccho ki kahaniya in hindi (national hindi) पे पढ़ रहे हैं। 

लोगो को उसके समोसे बहोत पसंद अये. ये देख पुराने समोसे के दूकान दार बहोत मायुश हो गया ,और उसने सोचा की मैं भी तो देखु की वो अपने समोसे में डालता क्या है ,पुराना दुकानदार ये देखने के लिए अपना मुँह ढक कर उसके दुकान से समोसे ले आया और ,

अपनी दुकान पे आके उसने उस समोसे को खाया ,वो खाते ही समझ गया की ये व्यापारी अपने समोसे में वो मसाले डालता है जिससे लोगो की शेहत ख़राब हो जाती है और सरकार ने भी उन मसालों को बंद कर रखा था। ,

पुराने दुकानदार ने एक योजना बनाई और कुछ दवा लेके आया और जोर-जोर से बोलने लगा की सर दर्द की दवा लेलो ,पेंट ख़राब की दवा लेलो ,
तभी लोग वहाँ आए  और  दुकानदार से पूछा की आप तो समोसा बेचते थे ,अब दवा बेच रहे है। ,


दुकानदार ने कहाँ मैं समोसा आपके लोगों के लिए बेचता था और अब दवा भी आप लोगों के लिए बेच रहा हूँ ,लोगो ने कहाँ हमे क्या हुआ है ,हमलोग तो बिल्कुल तंदरुस्त है ,दुकानदार ने कहाँ,आप लोग जिस दुनकानदार के समोसे खाते है।  ,


वो अपने समोसे में ऐसे मसाले डालता है जिससे आपकी सेहत ख़राब हो जाएगी ,लोगो को गुस्सा आया और उस व्यापारी के पास गए और उसको बोला की तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी ,उसने कहाँ मुझे माफ़ कर दिज्ये ,लोगो ने कहाँ माफ़ी की कोई जुंजाईश नहीं है।  ,

निकल जाओ इस गाँव से उस व्यापारी ने अपनी दूकान बंद की और वहाँ से चला गया लोगो ने पुराने समोसे वाले का सुक्रिया किया ,और उसकी दूकान फ़िर से चलने लगी। 


तो देखा आप ने किस तरह दुकानदार ने अपने समझदारी से अपनी दुकान बंद होने से बचा और तो और उसने किसी बिना झगड़ा किये अपना कार्य पूरा किया ,

इस कहानी से हमने सीखा की हमें हमेशा धीरज से काम लेना चाहिए 





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