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लालची कपड़ा वाला की purani kahaniya in hindi

लालची कपड़ा वाला 
एक गाँव में कृष्णा नाम का कपड़ा बेचने वाला रहता था ,वो साइकिल से एक गाँव से दूसरे गाँव कपड़े बेचने जाता था ,उसकी पत्नी कपड़े तह करने में उसकी मदद किया करती थी। 
उस कपड़े वाले का पास के गाँव बहोत नाम था ,

Hindi kahaniya

उसकी साड़ी की क्वालिटी बहोत अच्छी थी ,एक दिन वो  साड़ी बेचने निकल रहा था ,तभी उसकी पत्नी ने कहाँ की आप इतनी दिनों से साड़ी बेचते है ,लेकिन हमे ज़्यादा मुनाफ़ा नहीं होता है ,उसके पति ने कहाँ तो क्या किया जाए ,आप ये amazing stories in hindi national hindi पे पढ़ रहे है ,

पत्नी : क्यों न हम एक साड़ी की दूकान खोल ले 
पति : उसके लिए हम पैसे कहाँ से लाये ?
पत्नी : पास के गाँव में आप काफ़ी दिनों साड़ी बेचने जाते है ,वहाँ  लोग आपकी मदद ज़रूर करेंगे ,
पति : ठीक है ,मैं  उनसे बात करूँगा 

कृष्णा उस गाँव में जाता है ,और लोगो से कहता है मुझे बहोत दूर से यहाँ आके कपड़ा बेचना परता है ,इस लिए आपलोग मेरी मदद कीजिए और मुझे कुछ पैसे दे ताकि मैं पास ही कोई दुकान खोल लूंगा ,लोगो ने कहाँ की हमें आप पर पूरा भरोसा है कृष्णा भाई और लोगो ने उसे पैसे दिए ,

कृष्णा ने पास  दुकान खोल ली और दूकान में बहोत तर्रकी हुई ,उसने अपनी एक शोपिंग सेंटर खोल ली सब कुछ अच्छा चल रहा ,उसकी पत्नी के मन में लालच पनपने लगा वो बस दिन भर यही सोचती रहती थी ,की  तरह ज़्यादा पैसे कमाए जाए ,

एक दिन उसने अपने पति  को कहाँ क्यों न हम और पैसे कमाए ,उसके पति ने कहाँ वो कैसे ?

पत्नी : हमने मार्किट में बहुत नाम कमाया है ,क्यों न इसका इस्तेमाल ,
पति: वो कैसे ?
पत्नी: हमलोग सस्ते कपड़े खरीदेंगे और महंगे दामों में बेचेंगे। 
पति: ठीक है ,

उसने सस्ते कपड़े ख़रीदे और महंगे दामों में बेचना सुरु कर दिया ,पहले लोगो को सक नहीं हुआ लेकिन बाद से साड़ीया फ़टने लगी ,लोगो को उसपे सक होने लगा ,एक दिन एक महिला उसके दुकान पे शिकायत लेके आयी ,उसने कहाँ 

महिला : कृष्णा भाई आपकी की साड़ी की क्वालिटी ठीक नहीं रहती है ,आप सस्ती साडी ख़रीद के महंगे दामों में बेचते हो ,

कृष्णा : देखिये बहन जी दुकान मेरी - मेरी मर्ज़ी सस्ती ख़रीद के मॅहगी बेचू या महंगी ख़रीद के सस्ती आपको इससे क्या मतलब ,

वो वहाँ से चली गयी और ये बात धीरे-धीरे गाँव में फ़ैल गयी ,अब लोगो ने उसकी दुकान पे जाना छोड़ दिया ,और कुछ दिन बाद कपड़ा डिपार्टमेंट ने उसकी दुकान पे रेड मर दी और उसकी दुकान बंद हो गयी ,अब वो साइकिल से भी कपड़ा नहीं बेच सकता था ,क्युकी उसने लोगो का भरोसा तोर दिया था ,इस वजह से कृष्णा को गाँव भी छोड़ना पड़ा 


इस कहनी ये हमने सीखा की हमें ज़्यादा लालच नहीं करनी चाहिए और कभी किसी को धोका नहीं देनी चाहिए ,अपने देखा न कृष्णा को धोखा कितना महंगा परा ,

ये भी पढ़े  समझदार दुकानदार online story reading in hindi


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