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Showing posts from August, 2020

लालची नौकर सोनू ki hindi kahaniya in hindi language

लालची नौकर सोनू ki  hindi kahaniya in hindi language hindi kahaniya in hindi language: एक छोटे से गांव की Hindi kahani है सांता राम और सांता बाई नाम दो लोग रहते थे उनका एक बेटा था ,पर नौकरी शहर में होने के कारन वो अपने माँ-बाप के साथ नहीं रह सकता था , एक दिन बेटा रमेश बोला माँ पिता जी तुम भी मेरे साथ शहर चलो न वही साथ रहेंगे इसपर सांता राम बोले नहीं बेटा हम नहीं रहेंगे। आप ये    hindi kahaniya in hindi  language national hindi पर पढ़ रहे है   मुझे ये खूबसूरत गांव छोड़कर कही नहीं जाना यही हमारे सभी रिस्तेदार है यही हम रहेंगे इस पर रमेश बोला पर आप मेरेसाथ चलते तो अच्छा होता ,सांता राम बोलते है ,बेटा तुम हमारी फ़िक्र मत करो हम बड़े आराम से रह लेंगे और हमारे साथ हमारा नौकर सोनू भी है ,जो हमारी देख भाल करेगा तुम अब सिर्फ अपनी नौकरी के बारे में सोचो अपना ख्याल रखना हमारा आषीर्वाद तुम्हारे साथ है।  ये सुकर रमेश अपने माँ बाप का आशीर्वाद लेकर सहर की ओर चला गया अब घर में सांता राम और सांता बाई अकेले रहते थे और  साथ में  उनका नौकर सोनू ,सोनू घर का सारा काम करता था जैसे साफ ,सफाई ,खा

बुद्धिमान चायवाला ki free hindi kahani

बुद्धिमान चायवाला ki free hindi kahani all hindi kahainya: बाघपुर गांव में हरीश चायवाला अपनी चाय की छोटी सी डेरी चलता था एक तो चाय वैसे ही सस्ती होती है और कई बार उसके मुफ़्तखोर दोस्त भी आ जाते थे तो कभी कोई मज़बूर भूखा प्यासा इंसान आ जाता था तो वो उन्हें चाय पीला देता था। ऐसे में उसका अक्सर नुकसान  था इस बात से वो बहुत परेशान रहता था।  एक चाय वाला अपनी पत्नी से पैसे देते हुए कहता है आज फिर यही पैसे मिले है ,इतनी मेहनत करने के बाद  कभी कमाई नहीं होती और जब कमाई होती है तो कुछ मुफ्त खोर दोस्त मिल जाते है और कभी-कभी तो कोई भूखा-प्यासा आ जाता है एक तो एक चाय पर एक रुपया कमाई  होती है और वो भी इनके वजह से बरा-बार हो जाती है ,आप ये purani hindi kahani national hindi पर पढ़ रहे है  उसकी पत्नी बोलती है ,कोई बात नहीं जी भूखे प्यासे को चाय पीला देना तो अच्छी बात है ,हरीश बोलता है। हाँ लेकिन मुफ्त खोर दोस्त आते है वो  हरीश की पत्नी बोलती है ,वो भी उनके माशीब का खाते है यही सोचकर खुश हो जाया कीजिए  आइये बैठये खाना लगाती हूँ ,चाय की डेरी ऐसी जगह है जहा लोग इकठा होते है और अपनी दुःख

पुरानी सास-Purani Sas ki hindi kahaniya

पुरानी सास-Purani Sas ki hindi kahaniya  hindi kahaniya:  उर्मिला देवी एक पुरानी प्ररम्परा को मानने वाली एक महिला थी। अपने इस स्वाभाव के चलते वो घर के बाकि लोगो पर भी अपने मानेताओ का बंधन रखती थी एक दिन वो बोली।,आज सब ध्यान  सुनो आज सूर्य ग्रहण होने वाला है इसी लिए जब तक मैं नहीं कहूँगी तब-तक कोई कुछ नहीं खायेगा सुधा बहु पानी में तुलसी के पत्ते डाल दो ,आप ये hindi kahaniya nationalhindi पर पढ़ रहे है  घर में सबको चेतावनी देकर उर्मिला देवी वहाँ से चली जाती है थोड़ी देर बाद नविन रसोई में जाता है और उर्मिला देवी उसे देख लेती है और बोलती है हे भगवान ये नास्तिक मेरे घर में कहा से पैदा हो गया। नविन बोलता है ,माँ ग्रहण तो सूर्य को लगने वाला है भला इसका मेरे भूख से क्या लेना-देना है तुम भी न माँ तभी वहा सुधा आ जाती है।  और बोलती है, जाने दीजिए माँ जी नविन तो अभी बच्चा है भूख बर्दास्त नहीं कर पाया होगा ,उर्मिला बोलती है , तू इसकी तरफदारी मत कर बहु ये तो बचपन से ही चटोरा है और वैसे भी बहु इस प्रकार घर गृहस्ती नहीं चलती ये कभी नहीं सुधरेगा चल भाग यहाँ से नविन से कहती है। नविन बोलत

बड़ी सिख -Purani hindi kahani with moral

बड़ी सिख -Purani hindi kahani with moral बहोत पुरानी बात है एक  आश्रम था जिसमे बहुत सारे बच्चे दूर-दूर से शिक्षा ग्रहण करने आते थे उन्ही में से थे मोहन और कमल उन दोनों  शिक्षा पूरी हो चुकी थी ,आश्रम के नियम के अनुसार उन्हें अपनी  शिक्षा पूरी करने के बाद घर जाना था। लेकिन जब मोहन और कमल घर जाने लगे तो गुरु जी ने उन्हें अपने पास बुलाया और कहा बच्चो आज तुम अपनी शिक्षा पूर्ण करके अपने-अपने घर जा रहे हो।  लेकिन तुम्हे घर जाने से पहले एक और परीक्षा देनी होंगी इस परीक्षा  अगर तुम सफल हुए तो तुम्हे घर जाने दिया जाएगा लेकिन अगर तुम विफ़ल हुए तो तुम्हे यही रुकना पड़ेगा ,तभी मोहन गुरु जी से पूछता है। गुरु जी आप  परीक्षा के बाड़े में बात कर रहे है ,हमने तो अपनी शिक्षा पूरी कर्ली है और आज तो हमें घर भी जाना है फिर आप कौन सी परीक्षा की बात कर रहे है।  गुरु जी हस्ते हुए बोलते है मेरा एक छोटा सा काम करोगे अगर तुम दोनों उसमे सफल हुए तो तुम अपने घर जा सकते हो, कमल बोलता है गुरु जी क्या काम है आप बताये हम आवस्य ही परीक्षा देंगे गुरु जी ने उन्दोनो को बड़े ही ध्यान से देखा फिर मुस्कुराये और

जादुई चश्मा-purani hindi kahaniya with moral for kids

जादुई चश्मा की हिंदी कहानी  किसी गांव में एक गरीब किसान अपने परिवार के साथ रहता था। किसान के परिवार में उसकी पत्नी कमला और बेटा सोनू उसके साथ ही रहते थे। वो दिन रात मेहनत करके किसी प्रकार अपने परिवार का गुज़ारा करता था ,एक दिन किसान ने अपने बेटे सोनू से कहाँ बेटा सोनू तुम्हारी माँ बाजार गयी है मैं खेतो में बीज बोन जा रहा हूँ इस लिए तुम घर पर ही रहना  क्युकी आज-कल गांव में बहुत चोरिया हो रही है ,सोनू बोलता है पिता जी आप निश्चिंत होक जाईये मैं कही नहीं जाऊँगा किसान खेत पहुँच कर खेत में खुदाई सुरु की तभी उसका औज़ार किसी चीज से टकराने की आवाज़ आती है ,किसान ने मिट्टि हटा कर देखा तो उसे एक चमकता हुआ डिब्बा दिखाई दिया किसान ने उस डिब्बे को बाहर निकाल कर देखा और सोचता है , लगता है इसमें ज़रूर कोई खज़ाना होगा।  ये सोच कर किसान ने जैसे ही डिब्बा खोल के देखा वो उदास होगया और बोला हे भगवान ये तो बस एक मामूली सा    चश्मा   है मेरी सारि मेहनत ही ख़राब हो गयी  सोच कर किसान ने उस चश्मे को वही छोर दिया और अपना काम करने लगा थोड़ी देर बाद सोनू वहाँ आया और बोला पिता जी आप कुछ देर आराम कर लीजये

एक किसान ki purani hindi kahani with moral

एक किसान ki purani hindi kahani   एक बार की बात है एक बार गांव में सूखा पर जाता है।  सभी गांव वालो की फ़सल बर्वाद हो जाती है सब लोग बहुत परेशान हो जाते है।  दो गांव वाले आपस में बात करते है ,अरे भाई भीमा इस बार तो बहुत ज़्यादा सूखा पर गया सारि फसल ही बर्वाद हो गयी मैं तो बहुत कर्जे में आज्ञा हूँ ,दूसरा व्यक्ति कहता है  हाँ भाई रामु मेरा भी तुम्हारे जैसा ही है। रामु बोलता है ज़रूर हमारे गांव में किसी ने बहुत पाप किये होंगे भगवान उसी का बदला ले रहा है मैंने सुना है पास वाले गांव में एक बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है चलो वहाँ जाकर भगवान से प्राथना करेंगे क्या पता पता बारिश हो जाए ,यही सोच कर वे सारे लोग मिलकर पास वाले गांव में प्राथना और दर्शन करने जाते है।  फिर अगले दिन जब वो लोग वापस लौट रहे होते है  उन्हें देर हो जाती है और अँधेरा हो जाता है। उनकी गाड़ी घने जंगल से गुज़रती है सभी लोग बहुत डर जाते है भीमा बोलता है अरे भाई रामु ये तो बहुत ही घना जंगल है।  कही कोई भूत-प्रेत न मिलजाए रास्ते में रामु बोलता है अरे बही भीमा कोई भूत-उत नहीं होता तू सबको डरा मत।  और चुप चाप बैठ जा तभी उन्हे

मुर्ख ब्राह्मण ki purani hindi kahaniya

मुर्ख ब्राह्मण ki purani hindi kahaniya with moral एक गांव में अभिषेक नाम का एक गरीब ब्राह्मण रहता था। अभिषेक माँ दुर्गा का बहुत बड़ा भक्त था। एक बार उसने अपने गुरु अनुसार माँ दुर्गा की तपस्या करने का निर्णय लिया वो एक घने जंगल में चला गया और एक बड़े से पेड़ के निचे एक पैर पर खरे होके तपस्या करने लगा  बहुत दिन बीत गए उसकी भगति देख माँ दुर्गा उससे खुश हो गयी और उसके सामने प्रकट हुई और बोलती है वत्स आँखे खोलो मैं तुमपे प्रशन्न हुई हूँ। बोलो तुम्हे क्या चाहिए अभिषेक बोलता है माते आपके दर्शन से ही धन्य हुआ और क्या मांगू।  माँ दुर्गा बोलती है मैं तुम्हे एक वरदान दे रही हूँ जो चाहिए वो मांग लो अभिषेक बोलता है माते मुझे संजीवनी बूटी का वरदान दो मुझे संजीवनी बूटी देदो अभिषेक को संजीवनी बूटी देते हुए माँ दुर्गा ने कहा वत्स ये बूटी लो इस बूटी का इस्तेमाल तुम जिस भी व्यक्ति पर करगे वो फिर से जीवित हो जाएगा।  जिस भी व्यक्ति पर तुम इसका रस डालोगे वो फिर जीवितहो जाएगा और पहले जैसा ताकत वर नहीं हो जाएगा , ये संजीवनी न कभी सूखेगी और न ही कभी ख़तम होगी इतना कहते ही माँ दुर्गा चली गय

गरीब की किस्मत हिंदी कहानियाँ

Hindi Kahaniya: गरीब की किस्मत  किसी राज्य में राजा विक्रम आदित्य का शासन था विक्रम आदित्य की पत्नी ने एक राज कुमार को जन्म दिया राज कुमार के जन्म से राजा विक्रम आदित्य बहुत खुश थे ,कुछ दिन बाद एक पंडित राजा विक्रम आदित्य से मिलने आया।  और बोलते है महारज  जय हो ,महाराज राज कुमार किस्मत के धनि है ये राज्य को हमेशा तरक्की की ओर लेके जाएंगे लेकिन इनका विवाह एक गरीब लड़की से होगा  महाराज बोलते है ,नहीं मेरे पुत्र का विवाह किसी गरीब लड़की के साथ नहीं होगा ,बल्कि एक राज कुमारी के साथ होगा पंडित जी बोलते है महाराज आप कुछ भी कर सकते है लेकिन किस्मत का लिखा नहीं बदल सकते महाराज बोलते है ,पंडित जी आप तो बहुत ज्ञानी है क्या आप बता सकते है की वो लड़की इस वक़्त कहा होगी।  राजा के पूछने पर पंडित जी अपनी झोली से एक किताब निकलते है। और कुछ मन्त्र पढ़ते हुए किताब को राजा के सामने रख देते है इसके बाद किताब में एक छोटी सी बच्ची की तस्वीर दिखने लगती है।  पंडित जी बोलते है ,ये वही लड़की है जिसकी षादी राज कुमार के साथ होगी और इस वक़्त ये आपके राज्ये से कुछ दुरी पर बने एक छोटे गांव में है।  पंडित क

jalpari aur nagin ki hindi kahaniya

jalpari aur nagin ki hindi kahaniya  सीतापुर में बड़े से समुन्दर  किनारे एक जंगल था। वहाँ सब नाग और नागिन रहते थे।  उसी जंगल में सलोनी नाम की एक नागिन रहती थी जो बहुत ही खूबसूरत और दिल की बहुत अच्छी थी। नागिन सलोनी की सिर्फ दो सहेलिया थी नागिन रुद्रलि और नागिन ऋषिका।  ऋषिका और रुद्रलि सलोनी को बिलकुल पसंद नहीं करते थे उससे बहुत ही ज़्यादा इर्षा करते थे दोनों नागिन सलोनी के सामने अच्छे रहते लेकिन पीठ पीछे बहुत ही ज़्यादा बुराई करते थे , ये बात नागिन सलोनी को पता थी लेकिन फिर भी वो अपनी सहेलियों से कुछ नहीं कहती थी।  एक दिन समुन्दर में बहुत बड़ा तूफान आया हवाएं बहुत ही ज़्यादा तेज थी रात भर जोरो से बर्रिश हुई अगले दिन सुबह नागिन सलोनी और उसकी सहेलिया समुन्दर के पास गयी और देखा की एक जल पारी समुन्दर से बाहर आकर बेहोश पारी हुई है।  नागिन सलोनी कहती है।  ये तो एक जल पारी है सायद कल रात की तूफान में समंदर से बाहर आगयी चलो इसकी मदद करते है ,नागिन सलोनी की सहेलियाँ कहती है हमें बहुत काम है तुम ही इसकी मदद करदो  अपनी सहेलियों की बात सुनकर नागिन सलोनी बहुत उदास  जाती है।  और खुद

Naurkri wali bahu ki hindi kahaniya

Naurkri wali bahu ki hindi kahaniya z मीरपुर गांव में तेजस अपनी पत्नी के साथ रहता था दोनों ही नौकरी करते थे। एक दिन तेजस गांव में अपनी माँ को फ़ोन करता है।  तेजस:प्रणाम माँ  माँ: जीते रहो बीटा  तेजस: माँ तुम दादी बनने वाली हो  माँ: अरे वाह ठीक हैं बीटा मैं कल ही आती हूँ  जब माँ जी घर पहुंची तो बहुँ ने बहुत अच्छे से स्वागत किया ,माँ जी लिगए चाय , तेजस बोलता है गाओ माँ के लिए गर्म-गर्म पकोड़े ले आओ निरु रसोई में जाती है और माँ के लिए पकोड़े ले आती है, माँ: बहुँ जादू  से ले आयी क्या अभी तो रसोई में गयी ही थी।  बहुँ: माँ जी शीला पकोड़े तल रही है। मैं तो बस ले आयी  माँ: हे भगवान मेरा धर्म भरस्ट कर दिया तुमने !  अब तो गंगा जल से सुधि करण करना होगा।  दूसरे दिन माँ जी मैंने नास्ता बना दिया है अब मैं ऑफिस जा रही हूँ ,माँ जी बोलती है हे भगवान अभी तो घर का पूरा काम बाकि है।  निरु: माँ जी शीला आती ही होगी वो झाड़ू पोछा सब कर लेगी।  माँ: हमारे ज़माने में घर का काम हम खुद ही किया करते थे , निरु: माँ जी आप बहुत होसियार है लेकिन मुझसे नौकरी और घर दोनों नहीं समभाला जाता  मा

लूडो वाली बहुँ की हिंदी कहानियां

लूडो वाली बहुँ  Hindi kahaniya  लूडो वाली बहुँ : विदाई के वक़्त मंजू की मम्मी मंजू से कहती है देख रे मंजू दूसरे शहर के लोग है इन्हे तेरी मोबाइल के एडिक्शन नहीं पता और रिस्ता हो गया वहाँ कोई नाटक मत करना नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। मंजू अपने ससुराल पहुंच जाती हैं।  जहाँ उसे उसकी सास कहती है ,अब सास को आराम देकर  तुहि मेरे बेटे और इस घर का ख्याल  रखेगी अभी तो कोई काम है नहीं इसी लिए कल से सारि ज़िमेदारी सम्भाल लेना बेटा ,मंजू अपने कमरे में आराम करती है और अगली सुबह ससुराल में सारा काम संभाल लेती है  लेकिन काम करते हुए गुस्से में बर-बाराती भी रहती है (सारा घर सम्भाल लेना बहु लेकर आई है या नौकरानी एक तो घर न जाने कौन से कोने में है जहाँ इंटरनेट का एक सिग्नल तक नहीं आता और बात तो ऐसे करती है जैसे न जने कौन से ख़जाने की मालकिन हो )  सास: पहले ही दिन क्या हो गया बहु जो घर में कैलिसि फैला रही हो  बहुँ: अभी तक कुछ किया नहीं मम्मी जी बस अपनी किस्मत पर रो रही हूँ। मायके में पूरा समय wifi से लूडो खेलती थी यहाँ तो नोटिफिकेशन देखने लायक़ इंटरनेट नहीं चलता। लूडो क्या  घंटा

Hindi kahaniya:परी की आत्मा

परी की आत्मा  किसी जंगल में तीन मित्र रहा करते थे। हाथी उट और सियार तीनो हमेसा एक साथ रहा करते थे। एक दिन वो खेलते-खेलते दूसरे जंगल में चले जाते है ,तभी हाथी कहता है। दोस्तों ये हमारा जंगल नहीं है।  उट बोलता है हमें तो बस खेलने से मतलब है। फिर चाहे जंगल हमारा हो या नहीं क्या फर्क परता है।  हाथी बोलता है मैंने सुना है ये एक भूतिया जंगल है ,सियार बोलता है  उट भाई इसे डरने दो हम खेलते है। हाथी की बात को नज़र अंदाज कर  उट और सियार खेल में मगन हो जाते है। साम होने के बाद तीनो अपने जंगल का रास्ता ढूंढने लगते है।  लेकिन अँधेरे की वजह से उन्हें रास्ता नहीं मिलता सियार बोलता है।  सियार: यहाँ तो सारे रस्ते एक जैसे लगते है। अब हम क्या करे ? उट: आज रात हम यही रुक जाते  सुबह वापस लौट जाएंगे , हाथी: नहीं ! बिलकुल भी नहीं ! हम पूरी रात इस भूतिया जंगल में नहीं रह सकते  उट: भूत जैसा कुछ नहीं होता है।  अचानक एक आवाज़ आती है ,किसने कहाँ भूत नहीं होते ! आवाज़ सुनकर तीनो हाके-बाके रह जाते है और डरते हुए पीछे मुरकरदेखते है। लेकिन वहां कोई नज़र नहीं आता    सियार: यहाँ तो कोई न

एक्स गर्लफ्रेंड से शादी

एक्स गर्लफ्रेंड से शादी  मीणा और राम का किसी बात पर ग़लत फैमि हो जाती है  और  झगड़ा हो जाता है और वो दोनों शादी के अपने-अपने माता पिता से कहते है , शादी के लिए तैयार है किसी से भी करा दो , मीणा की माँ कहती है की लड़के की फोटो भी देख लो मीणा बोलती है।  बोल तो ऐसे रही हो की सरुख खान है लड़का  मुझे नहीं देखनी है फ़ोटो किसी से भी करा दो उधर राम का भी यही हाल  था उसने भी अपनी माँ से कह दिया जिससे भी करानी है करा दो और दोनों की शादी फिक्स जाती है , शादी के दिन मीणा अपने पति को देख नहीं पाती है क्युकी उसके फेस पे मास्क लगा हुआ था।  घर पहुंचने के बाद दोनों एक दूसरे को देखते है ,तो चौंक जाते हैं। क्युकी मीणा की शादी किसी और से नहीं बल्कि उसके की बॉयफ्रेंड राम से हो जाती है। ये देख कर राम बोलता है तुम्हारी माँ को मैं ही मिला था। मीणा बोलती है कहाँ फस गयी यार। आप ये hindi kahaniya nationalhndi.in पर पढ़ रहे है।  और इतना कहकर वो रसोई में चली जाती है ,और खाना बनाने लगती है उनके बिच हर दिन झगड़ा होता रहता था। एक दिन राम ने आचार के बॉटल का ढक्कन जान बूझकर टाइट कर दिया और खाना- खाने वक़्

hindi kahaniya:4 best hindi stories for kids

भूतिया लैपटॉप  सूंदरपुर नाम का एक गांव था ,उस गांव में विवेक नाम का आदमी अपनी पत्नी और बच्चो के साथ रहता था ,एक दिन उस गांव में एक चुड़ैल रहने आयी उसने चुड़ैल ने सोचा की इस गांव में काफी लोग खाने को मिलेंगे तो उसने उस गांव में डेरा बना लिया। bhoot wali darawni kahaniya|    , विवेक के बेटो का नाम था चिंटू और पिंटू एक दिन पिंटू स्कूल से घर आया और अपनी माँ से बोला  मुझे लैपटॉप दिला दो मेरे सभी मित्रो के पास है ,और मेरे सभी मित्र कंप्यूटर के विषय में मुझे ज़्यादा नंबर लेट है , सुनकर पिंटू बोलता है नहीं माँ  ये कुछ पढ़यी नहीं करेगा ये तो यूट्यूब चलाएगा इतने विवेक वहाँ आ जाता है विवेक की पत्नी विवेक को साडी बात बताती है ये सुकर विवेक बोलता है हमारी अभी ये हालत नहीं की मैं  तुम्हे कंप्यूटर ला के दे सकू लेकिन मई कोसिस करूँगा , इतना कह कर  वहाँ से चला जाता है और  वापिस आता है और अपनी पत्नी से कहता मेरे बच्चे ने मुझसे इतनी छोटी सी चीज मांगी और मई वो भी नहीं दे पाया ,ये सुनकर उसकी पत्नी बोलती है आप चिंता क्यों करते है मैं पिंटू से बात करूंगी वो मान जाएगा हमारे बच्चे बहुत समझ दार है ,