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जादुई चश्मा-purani hindi kahaniya with moral for kids

जादुई चश्मा की हिंदी कहानी 


किसी गांव में एक गरीब किसान अपने परिवार के साथ रहता था। किसान के परिवार में उसकी पत्नी कमला और बेटा सोनू उसके साथ ही रहते थे। वो दिन रात मेहनत करके किसी प्रकार अपने परिवार का गुज़ारा करता था ,एक दिन किसान ने अपने बेटे सोनू से कहाँ बेटा सोनू तुम्हारी माँ बाजार गयी है मैं खेतो में बीज बोन जा रहा हूँ इस लिए तुम घर पर ही रहना 


क्युकी आज-कल गांव में बहुत चोरिया हो रही है ,सोनू बोलता है पिता जी आप निश्चिंत होक जाईये मैं कही नहीं जाऊँगा किसान खेत पहुँच कर खेत में खुदाई सुरु की तभी उसका औज़ार किसी चीज से टकराने की आवाज़ आती है ,किसान ने मिट्टि हटा कर देखा तो उसे एक चमकता हुआ डिब्बा दिखाई दिया किसान ने उस डिब्बे को बाहर निकाल कर देखा और सोचता है , लगता है इसमें ज़रूर कोई खज़ाना होगा। 

ये सोच कर किसान ने जैसे ही डिब्बा खोल के देखा वो उदास होगया और बोला हे भगवान ये तो बस एक मामूली सा  चश्मा  है मेरी सारि मेहनत ही ख़राब हो गयी  सोच कर किसान ने उस चश्मे को वही छोर दिया और अपना काम करने लगा थोड़ी देर बाद सोनू वहाँ आया और बोला पिता जी आप कुछ देर आराम कर लीजये तब-तक मैं खेत की रखवाली करता हूँ। 

किसान बोलता है, ठीक है बेटा लेकिन ध्यान से आज-कल जंगली जानवर कभी-भी खेत में आ जाते है ,किसान वही पेड़ के निचे लेट कर सोचने लगता है। क्यों न इस चश्मे को लगा कर देखा जाए कम से कम इस धुप से तो आराम मिलेगा किसान ने चश्मा लगा कर अपने बेटे की तरफ देखा और उसे कुछ जंगली जानवर उसके बेटे पर हमला करते हुए नज़र आये उसने जल्दी से चश्मा उतार दिया। 

और बोला अरे-अरे ये अच्चानक मुझे क्या हो गया था , ये सब था क्या मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आया और किसान ने दुबारा चश्मा लगाया और सोनू की तरफ देखा उसे दुबारा वही दिखाई दिया जो उसने पहले देखा था ,किसान को समझ आ गया की ये कोई साधारण चश्मा नहीं है ,बल्कि जादुई चस्मा है। किसान ने ज़ल्दी से चश्मा उतारा और सोनू के पास जाकर बोला बेटा  सोनू तुम जल्दी घर जाओ यहा  का सारा काम मैं खुद कर लूंगा। 

सोनू बोलता है, क्या हुआ पिता जी मैं तो अभी ही घर से आया हूँ माँ भी आ गयी है ,फिर आप मुझसे जाने के लिए क्यों कह रहे है ,किसान बोलता है कल से खेत का सारा काम तुम्हे  करना है इस लिए तुम आज आराम करो। ये सुनकर सोनू घर चला गया किसान को समझ आ गया की ये कोई साधारण चश्मा नहीं बल्कि एक जादुई चश्मा है जिसे पहन कर वो सबका निकट भविष्य देख सकता है। 

किसान बहुत खुश हुआ और बोलता है ,अरे वाह अब तो मैं पुरे गांव का भविष्य देख सकता हूँ ,क्यों न मैं लोगो का भला करने के लिए इस चश्मे का इस्तेमाल करू ,किसान काम छोर कर गांव में घूमने निकल गया वो लोगो का भविष्य देखता और लोगो को वो काम नहीं करने देता जिससे उन्हें नुकसान हो गांव के सभी लोग उसकी बहुत तारीफ करने लगे ,


एक दिन उसे अपना पुराना दोस्त ललन मिला, किसान ने सोचा क्यों न मैं ललन का भविष्य देखु किसान चश्मा लगा कर ललन को देखने लगा ,उसने देखा की कोई व्यापारी ललन को जल्द ही बहुत सारा धन देने वाला है इतना देखते ही किसान के मन में लालच आ गया और आधा भविष्य देख कर ही चश्मा उतार दिया और सोचता है क्यों मैं ललन को उस रास्ते से भटका कर खुद ही सारा धन लेलु। 

ये सोचार कर किसान ललन के पास गया और पूछा कैसे हो ललन भाई और इतनी जल्दी में कहा जा रहे हो, ललन बोलता है मैं ठीक हूँ भाई बस ज़रा बाजार जा रहा था किसान बोलता है , बाज़ार ! लेकिन बाज़ार तो आज बंद है न ललन बोलता है क्या ? आज बाज़ार बंद है लेकिन क्यों किसान बोलता है ,मैं बाज़ार से ही आ रहा हूँ वह किसी व्यापारी के दुकान में आग लग गयी हैं।  ,

इस लिए बाज़ार बंद है , ललन बोलता है  अच्छा फिर तो आज बाज़ार जाना बेकार है ये बोल कर ललन अपने घर चला गया और किसान पैसो की लालच में  बाज़ार चला गया बाज़ार पहुंचते ही किसान को एक अपना  व्यापारी  मित्र मिला जिसने पैसो से भरा हुआ बैग देते हुए कहा अरे भाई अच्छा हुआ तुम मिल गए क्या तुम मेरा ये बैग अपने पास रख सकते हो 
क्युकी मैं  कुछ दिन के लिए दूर विदेश जा रहा हूँ और मैं ऐसे ही किसी पे भरोसा नहीं कर सकता तो क्या मेरे वापस आने तक तुम मेरे बैग का ध्यान रख लोगे 

किसान सोचता है अरे वाह मैं इस बैग को लेकर बहुत आमिर बन जाऊंगा और व्यापारी मित्र के वापस आने तक अपना घर भी बदल दूंगा जिससे ये मुझे दुबारा ढूंढ नहीं पायेगा ऐसा सोच कर किसान ने अपने व्यापारी मित्र से कहा तुम निश्चिंत होक विदेश जाओ मैं इस बैग का अच्छे से ध्यान रखूँगा ये कहते हुए किसान ने बैग ले लिया और व्यापरी वहा से चला गया तभी वहा एक और व्यापारी आया और किसान को जोर से पकड़ के बोला 

तुमने मेरा बैग चुराया अब तुम्हारी खैर नहीं व्यापारी ने किसान को बहुत मारा और इसी बिच वो चश्मा भी टूट गया व्यापारी उसे बोलने का मौका दिए बिना ही बैग लेके चला गया अब किसान को समझ आ गया की वो पैसो से भरा भाग चोरी का था और उसके मित्र ने उसे धोका दिया था ,किसान को अपने किये पर बहुत पछतावा हुआ और बोला ये सब इस जादुई चश्मे की वजह से हुआ है अगर मैं इस चश्मे से भविष्य नहीं देखता तो मेरे मन में कभी लालच नहीं आता और न ही मैं इन सब में फसता 

Moral of the story:हमें कभी किसी भी चीज़ का दुरूपयोग नहीं करना चाहिए 

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