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Top 3 latest hindi kahaniya

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आज हमलोग  नई Hindi kahaniya पढ़ेंगे , जो की एक बहुत ही मज़ेदार hindi kahani है इस लिए कही पर मिस मत करना तो चलिए पढ़ते है  hindi kahaniya 

बीरबल की चतुराई-Hindi kahaniya  

hindi kahaniya:सुबह का समय था बादशा अकबर बिस्तर पे परे-परे पानी मांगे जा रहे थे आस-पास उनका कोई सेवक नज़र नहीं आ रहा था पता नहीं कहा से उस महल में कचड़ा साफ़ करने वाले नौकर ने बादशा की आवाज सुनी और वो पानी की गिलास लेकर उनके पास आ गया ,बादशा अकबर को इतनी प्यास लगी थी। की वो खुद को पानी पीने से नहीं रोक पाये ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

तभी वहाँ बादशा अकबर के खास सेवक आ गये और उन्होंने उस कचड़ा साफ करने वाले को निकाल दिया दोपहर हुई तो बादशा अकबर का पेट ख़राब हो गया हाकिम को भी बुलाया गया फिर भी महाराज अकबर की हालत सुधार नहीं हुआ फिर राज्य वैध भी आये उनके साथ साथ ज्योतिषी भी थे उन्होंने कहा 

सायद आप पर किसी मनहूष व्यक्ति का साया परा है इसलिए ही आपकी तबियत ख़राब हुई है बाद में तुरंत बादशा अकबर को उस कचरा साफ़ करने वाले नौकर का ख्याल आया और उन्होंने सोचा उस मनहूस के हाथ से पानी पीकर मैं बीमार हुआ हूँ और बादशा अकबर ने गुस्से में उसे सजाये मौत सुना दी ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

जब बीरबल को इस बात का पता चला तो वह उस नौकर के पास गए और उसे सांत्वना देने लगे की वह उसे बचा लेंगे इसके बाद बीरबल अकबर के पास गए और उनका हाल-चाल पूछा तब महाराज अकबर ने बताया हमारे राज्य के सबसे मेहुश आदमी ने मुझे बीमार कर दिया ,  ये सुनकर बीरबल हास् परे ,

तब अकबर को ये देख कर गुस्सा आया और वह बोले क्या तुम मेरी हालत देख कर मजा ले रहे हो ,बीरबल ने कहा नहीं नहीं महाराज पर मैं एक बात पूछना चाहता हूँ अगर मैं आपको उस नौकर से बड़ा मनहूष ढूंढ कर दू तो आप क्या करेंगे क्या आप उस नौकर को सजाये मौत से मुक्त कर देंगे अकबर ने तुरंत बीरबल की बात मान ली ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

और पूछा अब बताओ उस नौकर से मनहूष कौन है अब बीरबल बोले उस नौकर से बड़े मनहूष तो आप खुद है उस नौकर के हाथ से पानी पीने पर आपकी तो सिर्फ तबियत ख़राब हुई है लेकिन ज़रा सोचिये सुबह-सुबह आपकी प्यास बुझाने के चक्कर में उसने आप की सकल देखि सुबह-सुबह आपकी सकल देखने से उसे तो सजाये मौत मिल गयी ,

इस लिए उस नौकर से बड़े मनहूष तो आप हुए अब आप खुद को मौत की सजा मत दिज्ये गा क्युकी हम सब आपसे बहुत प्यार करते है बीरबल की यह चतुराई भरी बात सुन कर अकबर बिस्तर पर परे-परे हसने लगे उन होने उसी वक़्त उस गरीब नौकर को छोड़ने का आदेश दिया और उसे इनाम भी दिया और महूसियत का अंध विश्वास सुझाव देने  वाले जोतिस को घोड़े का तबेला साफ करने की सज़ा दे दी।  आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 


लालच बुरी बला है-hindi kahaniya 

hindi kahaniya:बहुत पुरानी बात है एक गांव में एक किसान रहता था वह काफी परेशान था उस गांव में सभी की फ़सल बहुत अच्छी होती थी लेकिन किसान की फ़सल उतनी अच्छी नहीं होती थी ,उसके पास उतना धन भी नहीं था ,ताकि वो अच्छे बीज और उन्नत टेक्निक का उपयोग कर सके ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

काफी समय से  उसकी फ़सल सुखी हुई थी एक दिन वह किसान परेशानी के कारन अपने खेत में ही सो जाता है और अपने घर  नहीं जाता अगले दिन जब सुबह होती है तो वो किसान उठता है तो उसे उस खेत के पास एक साप नज़र आता है ,तो वो सोचने लगता है अरे ये सांप मेरे खेत के पास है। 

लगता है इस खेत का कोई देवता है और मैंने इसकी पूजा नहीं की इस लिए मेरा खेत सुख गया है मेरी फसल भी सुखी हुई है कल से मैं इसके लिए रोज दूध लाऊंगा और इसे दूध पीला कर मैं इसका आशीर्वाद गहरान करूँगा सायद मेरी फसल अच्छी हो जाए ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

किसान चला जाता है और अपने घर से एक कटोरी दूध लाता है और उस दूध को सांप के बिल  पास रख-कर कहता है ,हे सर्प देवता मैं नहीं जनता था की आप इस खेत के देवता है और मैंने आपकी पूजा नहीं की मुझे माफ़ करे और दूध ग्रहण करे ,

और मुझे अपना आशीर्वाद दे, कहकर वो दूध वही रख कर चला जाता है अगले दिन किसान किसान खेत पर आता है और देखता है। वहां सोने की एक मुद्रा राखी है किसान उस मुद्रा को देख  सोचता है अरे ये कैसी सोने की मुद्रा मुझे मिली है ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

लगता है इस सांप ने ही मुझे है मुझे इसे रख लेना चाहिए और मैं रोज इसे दूध पिलाऊंगा और ये कह कर किसान वहाँ  चला जाता है तो इस तरह से किसान अब हर दिन उस सांप के लिए दूध लाने लगा और सांप भी उसे रोज एक-एक मुद्रा देने लगा 

ऐसा करते-करते किसान उस सांप से काफी मुद्रा इक्कठे कर लेता है एक दिन किसान का बेटा खेत पर आकर उसे ये सब करता देख लेता है और किसान पूछता है पिता जी  क्या कर रहे हो और इस सांप को दूध क्यों पीला रहे हो क्या आपको कटेगा नहीं ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

आपको इससे डर नहीं लगता सुनकर किसान मुस्कुराता है और अपने बेटे से कहता है बेटा सांप ही इस खेत का देवता है और ये सांप मुझे दूध पिलाने पे काटता नहीं बल्कि ये हमें अपना आशीर्वाद देता है ,इसको दूध पिलाने से मुझे एक सवर्ण मुद्रा हर रोज मिलती है। 

 ये सुनकर किसान के बेटे के चेहरे  सरारती मुस्कान आ जाती है और उसके मन में एक नई सरारत सूझती है फिर वो अपने पिता जी से कहता है पिता जी कल सुबह मैं भी सांप को दूध पिलाऊंगा और इसको दूध पिलाकर मुझे भी मुझे भी मुद्रा मिलेंगी ,  क्या पता ये मेरी सेवा से प्रसन्न होक ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

मुझे कुछ और अपने आशीर्वाद के रूप में देदे , किसान अपने बेटे की बात सुन कर थोड़ा मुस्कुराता है और फिर उसे कहता है, हाँ बेटा क्यों नहीं तुम ज़रूर उसे दूध पिलाओ लेकिन ये ध्यान रखना ये सांप तुम्हे काट भी सकता है ,अगले दिन से किसान का बेटा उस सांप के लिए दूध लाने लगा। 

फिर जब वो दूसरे दिन उस सांप के लिए दूध लता है तो उसे एक स्वर्ण मुद्रा मिलता है और वो कहता है अगर ये सांप रोज एक मुद्रा देता है तो इसके पास न जाने कितने मुद्रा होंगी क्यों न मैं  एक साथ ही मुद्रा ले लू हम इसे रोज दूध देते है और ये केवल एक ही मुद्रा देता है अगले ही दिन किसान का बेटा ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

जब दूध लेकर आता है तो सांप अपने बिल से बाहर निकलता है और फिर वो उस पर एक छड़ी से वॉर करता है सांप भी गुस्से में उसे कांट लेता है और फिर क्या था किसान का बेटा वही मर जाता है और सांप घायल अवस्था में वहाँ से चला जाता है ,किसान अपने बेटे का अंतिम संस्कार वही खेत में कर देता है 

Moral of Story:हमें कभी भी लालच नहीं करनी चाहिए और थोड़े में ही संतोष करना चाहिए। 



होसियार लड़का-hindi kahaiya 

Hindi kahaniya:एक गांव में राधा अपने बेटे के साथ रहती थी राधा बहुत गरीब थी लेकिन उसका बीटा पढ़ने में बहुत होसियार था राधा जानती थी की एक दिन उसका बेटा ये गरीबी दूर कर देगा हर कोई राधा से उसके बेटे की बहुत तारीफ करता ये सब सुन कर राधा हमेसा खुश रहती ,

मगर उसका घर चलाना हमेसा  सबब रहता था राधा दिन रात मेहनत करके अपने बेटे को अछि सिक्षा देना चाहती थी और उधर उसका बेटा भी सारा दिन किताबो में खुद को वयस्त रखता था वो  अपनी माँ को बहुत मानता था उसका आदर करता था ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

और कोई भी चीज मांगने से पहले 100 बार सोचता था मगर एक दिन ,वो सोचता है मेरी मन पसंद किताब मार्किट में आ चुकी है मगर मेरे पास पैसे नहीं है मैं क्या करू,माँ से भी मांगू तो कैसे मांगू बहुत दिनों से उनके पास भी पैसे नहीं है। 

इतने में राधा वहाँ आ जाती है और बोलती है क्या हुआ बेटा अमन , अमन बोलता है ,कुछ नहीं माँ बस ऐसे ही।,राधा बोलती है नहीं नहीं कुछ तो बात है जो मेरा प्यार बेटा मुझसे छिपा रहा है,अमन बोलता है , हाँ माँ दरअसल मेरी मन पसंद किताब मार्किट में आ गयी है पर उसको खरीदने के लिए मेरे पास 12 रूपये नहीं है। ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 


राधा बोलती है , बस इतनी सी बात रुको मैं कुछ करती हूँ और सोचती है कह तो दिया लेकिन कहा से लाउ पैसे ,सिमा के पास जाती हूँ वही मेरी कोई मदद कर सकती है राधा कड़ी धुप में अपने पुराणी दोस्त सिमा के पास जाती है और कहती है सुनो सिमा।,

मेरे बेटे अमन को उसके पसंद की पत्रिका खरीदनी है पर इस वक़्त हमारे पास पैसे नहीं क्या तुम हमें दे सकती हो हाथ में पैसे आते ही मैं तुम्हे लौटा दूंगी ,राधा अपने बेटे की हर इक्षा पूरी करना चाहती थी ,सिमा बोलती है ,हाँ हाँ क्यों नहीं राधा मुझे ख़ुशी होगी ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

सिमा राधा की अच्छी सहेली थी और मुश्किल वक़्त में हमेसा उसकी काम आती थी , सिमा ने अपने पर्स से 12 रूपये निकाले और राधा को दे दिए राधा उसे लेकर जल्दी  घर पहुंच गयी और बोली बेटा अमन ये लो 12 रूपये अभी जाओ और तुरंत वो किताब खरीद लो और एक दिन अमन बहुत बड़ा आदमी बना ,आप ये hindi kahaniya नेशनल हिंदी  पे पढ़ रहे है 

उसने माँ के कदमो में दौलत के ढेर लगा दिए 

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